हेमलाल मुर्मू ने कहा कि पाकुड़ जिला के अमडापाड़ा प्रखंड में कोयला खादान का धूल पूरे क्षेत्रवासियों को प्रभावित करता है। स्थानीय लोग टीबी (यक्ष्मा), हृदय रोग, अस्थमा सहित अन्य श्वांस से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र आदिवासी बहुल है। इसलिए सरकार कोयला खादान से होनेवाले प्रदूषण को रोकने की दिशा में समुचित कदम उठाए। इसपर मंत्री ने जबाव देते हुए कहा कि जो बातें सदन में आई हैं। उसपर राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।
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