हल्द्वानी के रामलीला मैदान के शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उत्तराखंड की सियासत में बड़ा मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद शुरू हुआ ये विवाद अब FIR, तहरीर और विरोध-प्रदर्शन तक पहुंच गया है। बीते दिन राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी थाने में SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने शुद्धिकरण करने वालों के साथ-साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ भी तहरीर दी है। वहीं, कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस ने सचिवालय कूच किया। अब कांग्रेस ने ऐलान किया है कि 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर पार्टी का बड़ा ऐलान
दरअसल हल्द्वानी के रामलीला मैदान से उठा शुद्धिकरण विवाद अब उत्तराखंड की सियासत का नया अखाड़ा बन गया है। एक तरफ राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट में FIR दर्ज हुई है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी बीजेपी नेताओं और शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।
कांग्रेस नेताओं ने दी पुलिस को तहरीर
कांग्रेस का आरोप है कि शुद्धिकरण के नाम पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और दलित समाज का अपमान करने की कोशिश की गई। इसी को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देहरादून समेत अलग-अलग जिलों में पुलिस को तहरीर दी। लेकिन कांग्रेस का दावा है कि कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद पार्टी ने सचिवालय कूच कर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की।
7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी कांग्रेस
अब कांग्रेस ने आंदोलन को और बड़ा करने का फैसला लिया है। 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
यानी हल्द्वानी का मैदान अब सिर्फ एक मैदान नहीं रहा, ये मैदान उत्तराखंड की सियासत में सम्मान, सामाजिक न्याय और राजनीतिक टकराव का नया केंद्र बन गया है। अब देखना ये होगा कि 7 सितंबर का कांग्रेस का सीएम आवास घेराव सरकार पर दबाव बना पाएगा या नहीं?
