हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुआ कथित शुद्धिकरण मामले में अब नया मोड़ ले लिया है। अधिवक्ता विकेश नेगी ने खुलासा किया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर ही फर्जी है।
फर्जी है राहुल गांधी पर दर्ज FIR!
शुद्धिकरण मामले में लो सभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर एससी/ एसटी एक्ट में एफआईआर के मामले में अधिवक्ता विकेश नेगी के दावे ने नया मोड़ ला दिया है। विकेश नेगी का दावा है कि शिकायतकर्ता की ओर से दर्ज मुकदमा ही गलत है।
राहुल गांधी को भेजा पत्र
विकेश नेगी का कहना है कि जिस व्यक्ति अमित कुमार आर्य की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। वह खुद की उपजाति आर्य लिख कर खुद को एससी साबित नहीं कर सकते क्योंकि आर्य उत्तराखंड की SC जातियों की सूची में नहीं है। विकेश नेगी ने इसी तर्क के साथ राहुल गांधी को पत्र भी भेजा है।
दलित युवकों ने कराया था मुकदमा दर्ज
बता दें रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण कार्यक्रम में शामिल रहे दो दलित युवकों विनोद आर्य और अमित कुमार की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी। युवकों ने शिकायत में आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा अनुसूचित जाति के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर राहुल गांधी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की। वहीं, पुलिस ने अमित कुमार की तहरीर के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, FIR संख्या 297/2026 के तहत BNS की धारा 196 और 299 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(q) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
