नैनीताल के ज्योलीकोट क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद फैली जलजनित बीमारी ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बीमारी की चपेट में आने से उपचार के दौरान एक युवक और एक महिला की मौत हो चुकी है, जबकि क्षेत्र में दर्जनों लोग बीमार बताए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अब प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और स्वास्थ्य सेवाएं तेज कर दी हैं।
नैनीताल के ज्योलीकोट में जलजनित बीमारी का कहर
इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने संबंधित विभागों की टीम के साथ ज्योलीकोट समेत गाजा, सरियाताल, छीड़ा और आसपास के गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और चिकित्सालय में भर्ती मरीजों से भी बातचीत की।
CDO ने किया जल स्रोतों और सीवरेज लाइन का निरीक्षण
सीडीओ ने क्षेत्र के विभिन्न जल स्रोतों का निरीक्षण कर पेयजल की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वीरभट्टी स्थित सीवरेज लाइन का भी निरीक्षण किया। सीवरेज चैंबर से हो रहे लीकेज और उसकी मरम्मत एवं शिफ्टिंग के कार्य की जानकारी लेते हुए उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि दूषित पानी की वजह से किसी भी परिवार को परेशानी नहीं होनी चाहिए और स्रोत से लेकर घर की टोंटी तक पानी की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए।
गंभीर स्थिति वाले मरीजों को दिए हायर सेंटर रेफर करने के निर्देश
सीडीओ ने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्र में डोर-टू-डोर ब्लड सैंपलिंग और वायरस सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही हर घर में जाकर लोगों को बीमारी के लक्षणों और बचाव के प्रति जागरूक करने, नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने को कहा। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को बिना देरी किए हायर सेंटर रेफर करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल टीम एंबुलेंस के साथ लगातार क्षेत्र में मौजूद रहेगी और घर-घर जाकर बीमार लोगों की निगरानी के साथ उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएगी।
आयुष्मान योजना के तहत मिलेगा मुफ्त इलाज
सीडीओ ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों को आयुष्मान योजना के तहत अनुबंधित अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराई जाए। साथ ही संबंधित अस्पतालों को निर्देशित किया जाए कि पात्र मरीजों को योजना के तहत त्वरित और निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए। ज्योलिकोट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर सीडीओ ने भर्ती स्थानीय मरीजों का भी हाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
दूषित जल स्रोत सील करने के निर्देश
पेयजल व्यवस्था को लेकर सीडीओ ने जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को प्रत्येक जल स्रोत के नियमित सैंपल लेने, क्लोरीनेशन करने और पानी की शुद्धता की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले तीन माह में पेयजल टैंकों, जल स्रोतों और घरों से लिए गए सभी पानी के सैंपलों की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा।
सीडीओ ने निर्देश दिए कि यदि जांच में कोई जल स्रोत दूषित पाया जाता है तो उसे तहसीलदार नैनीताल द्वारा सील किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना जल संस्थान की जिम्मेदारी है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
