मोदी-नीतीश की सरकार ने बिहार से नक्सलवाद को समाप्त कर विकास के रास्ते पर लाने का किया काम : अमित शाह

जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कभी लाल गलियारे का गढ़ माने जाने वाला जमुई आज विकास की नई इबारत लिख रहा है। यह वही जमुई है, जो लाल आतंक के साये में था। यही वह जमीन थी, जहां नक्सलवादियों ने अपना ठिकाना बना लिया था, मगर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार की डबल इंजन सरकार ने बिहार से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर विकास के मार्ग पर लाने का काम किया है।

अमित शाह ने कहा कि पहले बिहार के कई जिलों में भय का माहौल इतना था कि दोपहर तीन बजे तक ही मतदान कराया जाता था। अब शाम पांच बजे तक मतदान चलता है, क्योंकि डर का वातावरण खत्म हो गया है। उन्होंने लालू–राबड़ी शासन पर हमला करते हुए कहा कि उन दिनों बारात जाती थी, तो उगाही के लिए लोग कट्टा लेकर पहुंच जाते थे। अपहरण, फिरौती और नरसंहार आम बात थी। यही था उस दौर का बिहार। उसी जंगलराज ने राज्य की फैक्ट्रियां और कारोबार बंद करा दिए और बिहार को गरीबी की ओर धकेल दिया।

अमित शाह ने कहा कि बिहार सुशासन से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। बिहार की जनता ने चुनाव के पहले चरण में ही डंके की चोट पर ये ऐलान कर दिया है कि जंगलराज भेष बदलकर, कपड़े बदलकर और चेहरा बदलकर आना चाहता है, लेकिन हम उसे आने नहीं देंगे। जमुई की जनता को आगाह करते हुए अमित शाह ने कहा कि अगर आपसे जरा भी गलती हुई, तो फिर से जंगलराज आने वाला है।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 साल के अंदर बिहार के हर कोने में इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर, रोड, पुल, पुलिया, बिजली के कारखाने, गन्ने की फैक्ट्रियां, इथेनॉल और खाद की फैक्ट्रियां लगाकर विकास की शुरुआत की है। अगले 5 साल बिहार को विकसित बनाने के हैं।

उन्होंने कहा कि कल ही चुनाव के पहले चरण का मतदान समाप्त हुआ है और लालू–राहुल की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। अब जमुई में भी उनका खाता नहीं खुलना चाहिए। यहां की सभी चारों सीटें राजग के खाते में डालनी हैं। जमुई में महागठबंधन के उम्मीदवारों को हराना है, उनका खाता नहीं खुलना चाहिए। जनता से उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यहां की सभी चारों सीटें राजग के पाले में आनी चाहिए।

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