प्राथमिक इलाज के बाद स्थिति नाजुक देख डॉक्टरों ने उन्हें रांची रिम्स रेफर कर दिया। इलाज के दौरान मंसूर की मौत हो गई। इधर मृतक की पत्नी ने बताया कि मंसूर आलम पिछले कुछ समय से तनाव में थे। वे पिछले तीन महीनों से निलंबित चल रहे थे। चार महीने में दो बार निलंबन झेल चुके थे। खुदकुशी से पूर्व मंसूर ने एक वीडियो भी जारी किया था। इसमें उसने जयनगर थाना प्रभारी बबलू सिंह और डोमचांच थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव पर झूठे आरोप लगाकर निलंबित कराने की बात कही थी। वीडियो में स्पष्ट कहा कि उनकी मौत के जिम्मेदार वही दोनों अधिकारी होंगे। इधर इस मामले के सामने आने के बाद जहां विभाग के अधिकारी जांच कर रहे हैं, वहीं परिजनों का रो-राेकर बुरा हाल है।
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