कुड़मी की तर्ज पर सरकार तेली समाज को भी दे आदिवासी का दर्जा : नाग

इस अवसर पर समाज के अध्यक्षता करते हुए उदासन नाग ने कहा कि झारखंड में रहने वाले सभी झारखंडियों को भारत का संविधान अधिकार देता है कि वे अपने समुदाय के अधिकारों की मांग संवैधानिक तरीके से रख सकें। इसलिए कुर्मी समाज अपने अधिकार की मांग कर रहा है।

उन्‍होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह झारखंड के तेली समाज को भी आदिवासी की सूची में शामिल करे। उन्होंने कहा कि न सिर्फ कुड़मी बल्कि तेली समाज का रहन-सहन रूढ़िवादी है और वर्षो से तेली समाज भी अपने समुदाय को आदिवासी की सूची में शामिल करने की मांग कर रहा है। इसलिए तेली समाज की मांगें जायज हैं। लेकिन समाज में अशोक भगत जैसे लोग जानबूझकर समुदाय के खिलाफ गलत बयान दे रहे हैं। इसे तेली समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि कुड़मी समुदाय की तर्ज पर तेली समाज भी अपने हक और अधिकार को लेकर सरकार से लंबे समय से मांग कर रही है। लेकिन इसपर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। पूर्व की सरकार हो या वर्तमान की सरकार सभी ने तेली समाज को ठगने का काम किया है। इसलिए सरकार तेली समाज को भी आदिवासी का दर्जा देने की दिशा में जल्द ठोस निर्णय ले, नहीं तो समाज अपने अधिकार के लिए आर-पार की लड़ाई लडे़गा।

मौके पर मुख्य रूप से उदासन नाग, भागीरथी साहू, दिलीप साहू, कृष्ण ओहदार, मुकेश ओहदार, गोवर्धन साहू, अभिषेक साहू, गुरुचरण साहू, अजय साहू समेत समुदाय के अन्य लोग मौजूद थे।