जगन्नाथ सरोवर पहुंचने पर भगवान श्री लक्ष्मी जगदीश जी को नौका विहार कराया जाएगा, जो लगभग दो घंटे तक चलेगा। जलविहार के बाद वापसी के दौरान मार्ग में श्रद्धालु आरती उतारकर पूजा-अर्चना करेंगे तथा पालकी के नीचे से निकलने का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। मान्यता है कि पालकी के नीचे से निकलने पर शारीरिक एवं मानसिक कष्ट दूर हो जाते हैं।
Related Posts
तेज रफ्तार कार ने साइकिल पर जा रहे तीन मजदूरों को कुचला
ख़बर शेयर करें -जयपुर, 04 फ़रवरी । राजधानी जयपुर में तेज रफ्तार कार से दुर्घटना होने का सिलसिला थमने का…
हीटवेव प्रबंधन एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चिकित्सा विभाग की पहल
ख़बर शेयर करें -जयपुर, 06 मई । प्रदेश में बढ़ती गर्मी एवं हीटवेव की चुनौती को देखते हुए चिकित्सा एवं…
राजस्थान के पत्रकारों ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से की शिष्टाचार भेंट
ख़बर शेयर करें -राज्यपाल ने पत्रकारों का स्वागत करते हुए आपसी परिचय कराया और गुजरात सरकार की विभिन्न प्रगतिशील योजनाओं…
