याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता करौली और धौलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में कई सालों से यूटीबी आधार पर चिकित्सा अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर उनकी सेवा अवधि को बढ़ाया गया, लेकिन बीते 28 अक्टूबर को अचानक स्थानीय सीएमएचओ ने उन्हें ड्यूटी पर आने से मना कर दिया। याचिका में कहा गया कि विभाग की ओर से चिकित्सकों की नियमित नियुक्ति की गई है। जिसमें कई चिकित्सकों ने नियमित पद ग्रहण कर लिया है। इसके बावजूद भी वर्तमान में कई पद रिक्त चल रहे हैं। याचिका में कहा गया कि वे ग्रामीण क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं और इसके बदले उन्हें पीजी पाठ्यक्रम में बोनस अंकों का लाभ मिलेगा। ऐसे में यदि उन्हें अचानक सेवा से हटाया गया तो उनका पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रभावित होगा। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को नियमित नियुक्ति के बाद पद रिक्त रहने पर सेवा में बनाए रखने को कहा है।
Related Posts
आठ विशेष ट्रेनों का संचालन रविवार को
ख़बर शेयर करें -मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा द्वारा त्योहारी सीजन में अतिरिक्त यात्रीभार के कारण भीड़ नियंत्रण से संबंधित…
सिविल हवाई अड्डा बीकानेर में उत्साहपूर्वक मनाया गया यात्री सेवा दिवस
ख़बर शेयर करें -कार्यक्रम की मुख्य रूप से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) अधिकारियों द्वारा प्रत्येक यात्री का तिलक, पुष्पवर्षा…
अजा एकादशी पर गोविन्द देव का गोचारण लीला का हुआ श्रृंगार
ख़बर शेयर करें -ठिकाना मंदिर श्री गोविन्द देव जी महाराज (श्री गोविन्द धाम) में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य…
