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April 2023

योगी सरकार की मदद से वाराणसी में 1.27 लाख महिलाएं बनीं स्वावलंबी

वाराणसी, 28 अप्रैल। योगी सरकार में महिला सशक्तिकरण का सुखद उदाहरण देखने को मिल रहा है। महिलाएं स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन वाराणसी से जुड़ी 1.27 लाख से अधिक महिलाएं आज अलग-अलग उद्यम से जुड़कर कम से कम 10 हजार रुपये मासिक की आमदनी कर रही हैं। इसमें महिलाएं फूलों की खेती, कृषि, दीदी कैफे, बाबा विश्वनाथ का प्रसाद, पशुपालन, हस्तशिल्प कला जैसे विभिन्न कामों से जुड़कर ना सिर्फ वे स्वावलंबी बन रही हैं बल्कि अपना और अपने परिवार की जिम्मेदारी भी उठा रही हैं। साथ ही परिवार में आर्थिक सहयोग भी कर रही हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर उद्यमी बनी ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और लगन के बूते स्वयं की तकदीर खुद लिख रही हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार स्वयं सहायता समूह के जरिए महिलाओं को रोजगार व स्वरोजगार योजना द्वारा भी आत्मनिर्भर बना रही है। स्वतः रोजगार के उपायुक्त दिलीप सोनकर ने बताया कि वाराणसी में 10,635 स्वयं सहायता समूह हैं, जिसमें महिलाओं की कुल संख्या 1,27,620 है। आजीविका मिशन से जुड़ी  72,862 महिलाएं उद्यमी बनकर  घर की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है। अधिकारी के अनुसार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सरकार की ओर से स्टार्टअप फण्ड 2500 रुपए, रिवॉल्विंग फण्ड 15,000 रुपए,और सामुदायिक निवेश फण्ड 1,10,000 रुपए दिया जाता है। 11 महिलाओं के साथ जय माता दी स्वयं सहायता समूह के नाम से बेकरी का काम रहीं सोनी गुप्ता ने बताया कि सरकार की मदद से हमलोग आत्मनिर्भर हो रहे हैं। अब किसी काम के लिए दूसरों पर आश्रित नहीं रहना पड़ता है। 12 महिलाओं के समूह के साथ चप्पल बनाने का काम कर रही हरी ओम सवास्याम सहायता समूह की सरिता देवी ने बताया कि इस योजना से साहूकारों से छुटकारा मिल गया है। सरकार की योजना से बहुत सी महिलाओं की आर्थिक दिक्कतें दूर हो गई हें। हमें सरकार पर भरोसा है की आगे चलकर और महिलाओं की मदद होगी। शिवभद्रा कुमार स्कूल में दीदी कैफ़े चला रही बसनी की आरती देवी ने बताया की इस रोजगार से घर में मदद करने से उनका सम्मान बढ़ा है। योगी सरकार को धन्यवाद देते हुए उन्होंने बताया कि सरकार महिलाओं के सम्मान के लिए बहुत बड़ा काम कर रही है। आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं कृषि कार्य, पशुपालन, सिलाई, ग्रोसरी, फूलों की खेती, पॉवरलूम, मुर्गी पालन, स्कूलों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर दीदी कैफे, फिनाइल, वाशिंग पाउडर आदि बहुत से उत्पादों का उत्पादन और बिक्री कर रहीं हैं।

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काशी तेलुगू संगमम को वर्चुअली संबोधित करेंगे पीएम मोदी

वाराणसी, 28 अप्रैल। काशी में चल रहे गंगा पुष्करम् महोत्सव के अवसर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल संवाद करेंगे। पीएम के वर्चुअल संबोधन से एक दिन पहले वाराणसी पहुंचे राज्यसभा सांसद जीवी एल नरसिम्हा राव ने हनुमान घाट स्थित कांची काम कोटिश्वर मंदिर में शुक्रवार को प्रेसवार्ता आयोजित की। उन्होंने बताया कि पुष्कर महोत्सव के दौरान शनिवार को मानसरोवर घाट पर शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक काशी तेलुगू संगमम का कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें काशी तेलगु समिति द्वारा वेद पाठ, गंगा स्रोत सहित कई श्लोक पाठ पढ़े जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल संबोधित करेंगे। पीएम का संबोधन शाम 7 बजे होगा, इसका तेलुगू में अनुवाद भी किया जाएगा ताकि पीएम का संदेश सभी तक पहुंचे। इस दौरान काशी के नाविकों, ऑटो चालकों को भी सम्मानित किया जाएगा, जो काशी आने वाले तीर्थयात्रियों की सेवा करते हैं।

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सूडान संकट में फिर संकट का साथी बना यूपीएसआरटीसी

लखनऊ, 28 अप्रैल। सूडान में उत्पन्न आपातकालीन परिस्थितियों के चलते सूडान से वापस आने वाले उत्तर प्रदेश के नागरिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगत हर संभव मदद कर रहा है। जिस प्रकार कोविड महामारी के दौरान परिवहन निगम के चालकों/परिचालकों एवं अधिकारियों ने स्वयं के जीवन की परवाह न करते हुए प्रवासी प्रदेशवासियों को उनके घरो तक पहुंचाने का कार्य किया, ठीक वैसे ही सूडान संकट के दौरान भी परिवहन निगम अपने उत्तरदायित्वों का पूरा निर्वहन कर रहा है। सीएम योगी के निर्देश पर सूडान से लौट रहे प्रत्येक प्रदेशवासी को सुरक्षित उसके घर पहुंचाने की जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। छोटी गाड़ियों का भी किया जा रहा इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि सूडान से वापस आने वाले उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुविधा हेतु उन्हें अपने-अपने गृह जनपद तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। एयरपोर्ट से आने वाले नागरिकों को उनके गृह जनपद तक भेजे जाने एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, लखनऊ, गोरखपुर एवं वाराणसी द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के निकटवर्ती जनपदों तक जाने वाले नागरिकों को जिला प्रशासन द्वारा उन्हें छोटी गाडियों से उनके गृह जनपद तक भेजने की व्यवस्था की गई है। गाजियाबाद से चलाई जा रहीं 2 वॉल्वो बसें परिवहन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम गाजियाबाद क्षेत्र द्वारा दो वाल्वो बसों की व्यवस्था की गई है। एक बस संख्या यूपी 17टी 9134 दिल्ली से लखनऊ, गोरखपुर होते हुए देवरिया के लिए 26/ 27 की मध्य रात्रि को 36 यात्री लेकर रवाना की गई है। इसी प्रकार दूसरी बस संख्या यूपी 17टी 9168 दिल्ली से मथुरा, आगरा, कानपुर, फतेहपुर एवं प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक 27 यात्री लेकर रवाना की गई है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार से 28 अप्रैल को भी दो वोल्वो बसें दिल्ली एयरपोर्ट पर लगाई गई हैं। तत्परता से जुटे हैं कर्मचारी परिवहन मंत्री ने बताया कि गाजियाबाद, लखनऊ, वाराणसी एवं गोरखपुर के क्षेत्रीय प्रबन्धकों को यह अभियान प्रारम्भ होते ही परिवहन निगम की बसों एवं छोटे वाहनों को आवश्यकतानुसार तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही उन्हें जिला प्रशासन गाजियाबाद, लखनऊ, वाराणसी एवं गोरखपुर से समन्वय स्थापित करने एवं आगामी दिनों में सूडान से पुनः उत्तर प्रदेश के नागरिकों के आने पर उच्च प्राथमिकता पर उत्तर प्रदेश के अपने-अपने गृह जनपदों में सुरक्षित पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप किसी भी यात्री को परेशानी न हो और उसे सुरक्षित उसके गंतव्य तक पहुंचने के लिए विभाग के सभी कर्मचारी तत्परता से जुटे हुए हैं।

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यूपी में मेडिकल डिवाइस पार्क से खुलेंगे हजारों की संख्या में रोजगार के द्वार

लखनऊ, 29 अप्रैल। योगी सरकार प्रदेश को मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री का हब बनाने के लिए तेज गति से आगे बढ़ रही है। गौतमबुद्ध नगर में 350 एकड़ में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में ना केवल मेडिकल उपकरणों का निर्माण होगा बल्कि इससे बड़ी संख्या में रोजगार सृजन भी होगा। यमुना एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) की ओर से अबतक 59 उद्यमियों को भूखंडों का आवंटन भी कर दिया गया है। यहां ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर से लेकर एक्स-रे मशीन, एनस्थीसिया, कार्डियक कैथेटर, ऑर्थोपेडिक इम्प्लैंट जैसे उपकरणों के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद जहां प्रत्यक्ष तौर पर लगभग 5000 नये रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, वहीं अप्रत्यक्ष रूप से पूरे प्रदेश में 25 हजार के लगभग रोजगार सृजन की उम्मीद है। इन उपकरणों के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का होगा निर्माण यीडा की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 4000 स्क्वायर मीटर से लेकर 1000 स्वायर मीटर तक के कुल 59 भूखंडों को मेडिकल डिवाइस इक्विप्मेंट बनाने वाली कंपनियों को आवंटित किया गया है। ये कंपनियां 415 करोड़ से अधिक का निवेश करके यहां अपनी अपनी फैक्ट्रियां स्थापित करेंगी। कंपनियां यहां ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट्स, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, एनेस्थीसिया निडिल एंड किट, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, स्पाइनल इम्पलांट, एक्स रे मशीन, इंडोस्केपिक, गैस्ट्रोलॉजी मेडिकल डिवाइस, बाइलरी स्टेंट, आईसीयू वेंटिलेटर, ईसीजी मशीन, ट्रॉमा मैनेजमेंट इम्प्लांट, कोरोनरी स्टेंट, हिमोडायलिसिस किट, सीवीसी किट, एवीएफ निडिल, हर्ट-लंग बाइपास किट, कैंसर केयर इक्विपमेंट, वीडियो कोलपोस्कोपिक मशीन, कीमोथैरेपी डिवाइस, रेडियोलॉजी डिवाइस, न्यूक्लियर इमेजिंग डिवाइस, इन्ट्रॉकुलर लेंस, ऑप्थेल्मिक मेडिकल डिवाइस, पोर्टेबल मोबाइल लैब, इलेक्ट्रोलाइट ऐनेलाइजर, बायो सेफ्टी कैबिनेट, हेमेटोलॉजी ऐनेलाइजर, वाइट्रो डायग्नोस्टिक किट, आरटीपीसीआर कोविड 19 किट आदि का निर्माण करेंगी। इतनी बड़ी संख्या में मेडिकल उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग से यूपी में बड़े बदलाव की संभावना है। सबसे ज्यादा रोजगार देने वाली 10 कंपनियां मेडिकल डिवाइस पार्क में सर्वाधिक रोजगार देने वाली दस कंपनियों की बात करें तो इनमें एमडीडी मेडिकल सिस्टम इंडिया प्रा लि (445 कर्मचारी), ऑक्सिन मेडिकल प्रा लि (400 कर्मचारी), जेनुइन मेडिकल प्रा लि ( 400 कर्मचारी), इनोवेशन मेडिटेक प्रा लि (350 कर्मचारी), रॉमसन्स ग्रुप प्रा लि (300 कर्मचारी), एजीवीए हेल्थ केयर (200 कर्मचारी), एविएंस बॉयोमेडिकल (151 कर्मचारी), एसपीएम मेडिकेयर प्रा लि (150 कर्मचारी), नूलाइफ केयर (150 कर्मचारी), नरीना लाइफ साइंस प्रा लि (110 कर्मचारी) शामिल हैं। वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस होगा मेडिकल डिवाइस पार्क बता दें कि योगी सरकार यूपी को मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री का हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। गौतमबुद्ध नगर में यमुना एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के सेक्टर 28 में 350 एकड़ में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को बेहतरीन कनेक्टिविटी भी प्रदान की जाएगी। यहां मेट्रो, एक्सप्रेस वे और पास में ही ट्रांसपोर्ट नगर की सुविधा के साथ आने वाले वक्त में बुलेट ट्रेन की कनेक्टिविटी के साथ भी जोड़ा जाएगा। यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुणवीर सिंह के अनुसार मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में इस मेडिकल डिवाइसेज पार्क को विश्व स्तरीय सुविधा संपन्न बनाने पर तेज गति से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा दो फ़्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण भी करवाया जाएगा, जिससे कम बजट वाले उद्योगपतियों को भी किराये पर फैक्ट्री लगाने व अपना बिज़नेस शुरू करने में मदद मिलेगी।

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Suraj Pancholi acquitted in Jiya Khan suicide case

Mumbai, maharashtra | NEARLY TEN years after 25-year-old actor Jiah Khan was found dead at her residence, a special CBI court in Mumbai Friday cleared actor Sooraj Pancholi of the charge of abetting her suicide, citing lack of evidence. Special Judge A S Sayyad pronounced 32-year-old Pancholi not guilty under IPC Section 306, observing that the evidence against him was vague and did not show that he had any intention to cause Jiah’s death. “There is absolutely no evidence to show that on June 3, 2013, the accused had acted in any manner which could reflect mens rea (intention) that the accused (Pancholi) wanted her (Jiah) to commit suicide. The prosecution further failed to prove that there was any action on the part of the accused which compelled the deceased to commit suicide. Therefore, in the absence of any mens rea, instigation or aid, it cannot be said that the accused had driven her to commit suicide on that day,” the verdict said. Jiah’s mother Rabia Khan, who has claimed that her daughter did not die by suicide but was murdered, said, “My battle is still on, I will continue fighting. The judgment is not surprising, I had anticipated that this is not a case of abetment of suicide but murder.” Rabia said she will continue to appeal to courts. Pancholi, represented by lawyer Prashant Patil, said the verdict took 10 “long painful years” to come. “But today, I have not only won this case against me but I have also won my dignity and confidence back,” he said. Jiah was found hanging around 11.15 pm at her residence in Juhu on June 3, 2013 by Rabia. Based on her complaint, an FIR was filed under Section 306 IPC on June 10, 2013 and Pancholi, who was in a relationship with Jiah, was arrested. He was granted bail by the Bombay HC on July 2, 2013. The CBI had claimed that Jiah died by suicide as Pancholi had broken up with her and sent her a bouquet on the day of her death indicating an end of their relationship. In his 51-page verdict, Special Judge Sayyad said, “No doubt it is an unfortunate incident that a young girl has committed suicide. However, the available evidence on record reflects that the deceased was a victim of her sentiments. She could not overcome the emotions. The deceased could have always walked out of the relationship. However, she could not overcome her sentiments and her love for the accused for which the accused cannot be held responsible.” The court examined the evidence put forth by the doctor leading a team of medical experts, who had conducted Jiah’s postmortem on June 4, 2013. The court said the doctor’s evidence corroborated that Jiah died by suicide and there were no findings suggestive that the death was homicidal. It said that when expert witnesses gave their opinion that the cause of death was suicide, Rabia took an “exactly contradictory” view stating that the doctors had given a wrong opinion. “The complainant raised doubt on everyone except herself including doctors who conducted the postmortem,” the court said. It said 80 per cent of Rabia’s testimony was found to have “improvements and contradictions”, leading to the evidence being “handicapped” and CBI’s case to be “destroyed” as she had shown distrust and disowned statements given to the investigators. The court said that neither Jiah nor Rabia had complained to anybody regarding any ill treatment by Pancholi as was alleged. Relying on evidence, the court said that it cannot be ignored that the Jiah had “suicidal tendencies”. “It has come on record that on earlier occasion the deceased had attempted suicide and at that time it was the accused who had called upon a doctor and taken care of her,” the court said. It also raised doubts on why the complaint was filed by Rabia six days after the incident on June 9, 2013.  

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मुख्तार अंसारी गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सज़ा

नई दिल्ली | जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर केस में गाजीपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी करार दिया है. कोर्ट ने मुख्तार को 10 साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. कृष्णानंद राय हत्याकांड से जुड़ा मामला यह मामला साल 2005 में हुए बीजेपी के तत्कालीन विधायक कृष्णानंद राय की हत्या से संबंधित है. यह वारदात मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के बसनिया चट्टी पर अंजाम दिया गया था. बताया जाता है कि मुख्तार अंसारी के गैंग ने पहली बार इस वारदात में AK-47 का इस्तेमाल किया था. इस वारदात में कृष्णानंद राय को घेरकर चारों ओर से गोलीबारी की गई थी. इसमें विधायक का पूरा शरीर छलनी हो गया था. इस मामले में विधायक कृष्णानंद राय समेत सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. यह सभी लोग किसी कार्यक्रम में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे. इस मामले में मोहम्मदाबाद थाने की पुलिस ने माफिया डॉन मुख्तार अंसारी, उसके भाई और बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी समेत अन्य के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था. साल 2007 में दर्ज हुआ था गैंगस्टर का मामला बता दें कि विधायक कृष्णानंद राय हत्या से पहले अंसारी बंधुओं पर 1996 में चंदौली के कोयला व्यवसायी नंदकिशोर रूंगटा अपहरण कांड को भी अंजाम देने का आरोप है. इन्हीं दोनों मामलों को जोड़ते हुए गाजीपुर पुलिस ने इन दोनों बदमाशों के खिलाफ साल 2007 में गैंगस्टर का मामला दर्ज करते हुए इनका गैंग चार्ट बनाया था. इसके बाद साल 2012 में एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई थी. इस मामले में गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में एक अप्रैल को ही सुनवाई पूरी हो गई थी. इसके बाद कोर्ट ने 29, अप्रैल को अपना फैसला सुनाया है. हत्याकांड मामले में पहले ही बरी हो चुका है मुख्तार बता दें कि कृष्णानंद राय की 2005 में हुई हत्या के मामले में 2019 में कोर्ट ने दोनों भाइयों को बरी कर दिया था. जबकि नंदकिशोर रूंगटा की हुई हत्या के मामले में 2001 में मुख्तार अंसारी बरी हो गया था.

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CM addresses public gathering in Agra

Agra | Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath on Thursday hit out at the previous governments, saying that they had no development-oriented thinking. “Agra is no more burdened with heaps of garbage but is making strides in development,” he said. While addressing a public meeting in Agra during his election campaigning, the Chief Minister said, “Agra is now a smart city and has cleared all its filth whether in terms of garbage or crime.” Taking a dig at the previous government, the CM commented: “The G20 Summit showcased Agra’s beauty to the world. The youth here today is equipped with tablets and not pistols.” Chief Minister Yogi Adityanath said that Agra is known for its historical background and is the land of heroes. He said that Chhatrapati Shivaji did the task of challenging the foreign invaders here and his government did the work of building a museum in his name. Our entire Braj region is being developed dedicatedly. He pointed out that what couldn’t have been done in 70 years was done in 9 years when India broke all the shackles of slavery and demonstrated itself as a powerful leader emerging towards being a super power under PM Modi’s vision while hosting the G-20 summit. Agra is progressing on the path of development Yogi said that Agra has become a part of this development campaign. Today the Police Commissionerate system has been implemented in Agra. Recently, investment proposals worth Rs 35 lakh crore have been received in the Global Investors Summit held in UP. With this, one crore youth are guaranteed direct jobs. In urban areas, 40286 people have got the benefit of PM Awas Yojana. While, before 2017, the people of a particular party used to forcefully occupy the houses of poor and businessman. The Chief Minister further said that today around 40,000 street vendors have been given the benefit of PM SVANidhi Yojana in Agra. About 1 crore destitute women, divyangjan and old people are being given pension facility in the state of which 1,76,707 destitute women, 50,968 Divyangjan and 3,50,419 old people are from Agra. Ayushman golden cards have been issued to 2.75 lakh people. CM Yogi Adityanath said that by the end of this year, the operation of Agra Metro train, the best facility of public transport, will also commence. 100 electric buses are already running here. CNG buses are also being run in the urban areas. Along with this, the limits of the municipal corporation have also been expanded in Agra after 37 years. “In AMRUT mission, we have provided funds for 12 projects worth Rs 587 crore. The work of connecting 1.50 lakh families with every household tap scheme and the work of providing sewer connections to about 2.75 lakh families has also been done here. More than 26,000 individual toilets have been built. There is no dearth of money for development today,” he said.

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प्रयागराज : गोल इंद्रधनुष से घिरा दिखा सूरज, आसमान में दिखा अनोखा नज़ारा

UP | उत्तर प्रदेश में स्थित संगम नगरी प्रयागराज के आसमान में अनोखा नजारा देखने को मिला है. यहां सूरज एक घेरे में नजर आया. लोगों ने देखा तो नजारा कैमरे में कैद किया. लोग सूरज के इस नजारे को देखकर हैरान नजर आए. दरअसल, आसमान में सूरज के चारो तरफ अचानक इंद्रधनुषी गोला बना हुआ था. लोगों के लिए सूरज के चारों ओर ऐसा इंद्रधनुषी गोला कौतूहल का विषय बन गया. तमाम लोग इस खगोलीय घटना को अपने कैमरे में कैद करने लगे. लोगों का कहना है कि ज्यादातर बारिश के मौसम में आसमान में इंद्रधनुष नजर आता है, लेकिन बिना बारिश के इस तरह का नजारा एक अलग घटना है. सूरज की इस घटना को लेकर क्या बोले खगोल विज्ञानी? लोगों ने इस खगोलीय घटना को पहली बार देखा है. हालांकि इस गोलाकार नजारे को लेकर खगोल विज्ञानियों का कहना है कि इसे वॉटर हॉलो या हलो कहा जाता है. इस तरह का गोल इंद्रधनुष तब बनता है, जब सूरज के आसपास बादल होते हैं. जानकारों का कहना है कि इस गोल आकार में बर्फ की बूंदें भी होती हैं, जिनसे रिफ्लेक्ट होकर किरणें जमीन पर आती हैं. इसलिए लोगों को नग्न आंखों से यह खगोलीय घटना दिखाई देती है. इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने यहां आसमान में यह नजारा पहली बार देखा है. इससे पहले लखनऊ के आसमान में दिखा था अदभुत नजारा बता दें कि इससे पहले लखनऊ के आसमान में अद्भुत नजारे देखने को मिले थे. रात के अंधेरे में एक कतारबद्ध तरीके की अजीब सी रोशनी नजर आई थी. ग्रामीणों ने इसका वीडियो भी बनाया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस वीडियो में आसमान में लंबी लकीर जैसी कई लाइटें जलती नजर आ रही थीं. लखनऊ के मलिहाबाद में ग्रामीणों ने वीडियो बनाया था. कतारबद्ध रोशनी लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बनी हुई थी. सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे.  

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क्या जंग के पहले ही विपक्ष ने मान ली हार?

लखनऊ | तो क्या नगरीय निकाय चुनावों में विपक्ष ने चुनाव के पहले ही अपनी हार कबूल कर ली है? क्या अपने चुनिंदा गढ़ों को बचाने की चिंता में उन्होंने पूरे प्रदेश में सत्तापक्ष (भाजपा) को वॉकओवर दे दिया है ? पहले चरण के चुनावों के लिए 4 मई को मतदान होना है। 2 मई को चुनाव प्रचार थम जाएगा। इस लिहाज से देखें तो अब पहले चरण में प्रचार के लिए गिनती के चंद रोज ही बचे हैं। और अब तक प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस की कहीं से भी सक्रिय नहीं नजर आती है। इसकी तुलना में भाजपा के सरकार और संगठन ने इन चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अप्रैल की गर्मी से बेपरवाह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक एवं अन्य मंत्री फील्ड में पसीना बहा रहे हैं। स्थानीय सांसदों एवं विधायकों को भी बागियों को मनाने एवं हर हाल में जीत हासिल करने का साफ संदेश संगठन की ओर से दिया जा चुका है। रही विपक्ष की बात तो उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा 10 महीने से प्रदेश में आयी ही नहीं। फिलहाल वह कर्नाटक के चुनावों में व्यस्त हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव अभी तक फील्ड से नदारद हैं। संभव है अंतिम दो- चार दिनों के दौरान वह लखनऊ समेत कुछ चुने हुए जिलों में सभाएं करें। बसपा की सुप्रीमों मायावती प्रचार के लिए निकलेंगी इसकी कोई उम्मीद फिलहाल नहीं है। रही उप्र में बिना किसी जमीन के पांव पसारने की कोशिश करने वाली केजरीवाल के आम आदमी पार्टी (आप) की तो इसके अकेले किरदार सांसद संजय सिंह हैं। उनका सारा प्रयास प्रेस कॉन्फ्रेंस तक ही सीमित है। योगी ने संभाली कमान हर चुनावों की तरह इस चुनाव की भी कमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाल ली है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली,अमरोहा,उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ में उनकी जनसभाएं हो चुकी हैं। गुरुवार को आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद में उनकी सभाएं हुई जबकि आज शुक्रवार को नैमिषारण्य, लखीमपुरखीरी, बलरामपुर एवं गोरखपुर में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम हैं। शुक्रवार और शनिवार को गोरखपुर मंडल के सभी जिलों में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम लगें हैं। पहले दिन शुक्रवार को सिविल लाइंस स्थित आशीष मैरेज हाल (गोरखपुर क्लब परिसर) में चिकित्सको के सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद राप्तीनगर के डॉ भीमराव आंबेडकर जूनियर हाईस्कूल परिसर में एक सभा को भी संबोधित करेंगे। इस क्रम को जारी रखते हुए शनिवार को वह गोरखपुर महानगर के आर्यनगर उत्तरी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में व्यापारी सम्मेलन में अपना मार्गदर्शन देंगे। इसके बाद महराजगंज से जीएसवीएस डिग्री कॉलेज में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद कुशीनगर के उदित नारायण पीजी कॉलेज में पार्टी की ओर से आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। शाम को देवरिया के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में भी मुख्यमंत्री एक चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। एक मई को गोरखपुर में टाउनहॉल पर भी उनकी एक सभा होनी है। होगी। चूंकि गोरखपुर मुख्यमंत्री का गृह जनपद है। लिहाजा यहां की हार-जीत उनकी साख से जुड़ती है। यही वजह है कि गोरखपुर पर उनका खास फोकस है। इसके पहले भी 19 अप्रैल को वह वहां सभी जिलों की अलग-अलग बैठक कर कार्यकर्ताओं को जीत हासिल करने के टिप्स दे चुके हैं। पहले चरण में मेयर की 10 सीटें उल्लेखनीय है कि पहले चरण में 10 नगर निगमों के मेयर, 830 पार्षदों, 104 नगर पालिका अध्यक्ष, 276 नगर पंचायत अध्यक्ष और इनके सदस्य चुने जाने हैं। पहले चरण में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, झांसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी में मेयर चुने जाने हैं। 2017 के चुनावों में भाजपा ने इनपर क्लीनस्वीप किया था। इसी चरण में मैनपुरी और रामपुर भी हैं। यहां सपा के दम-खम की एक बार फिर परीक्षा होगी।

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योगी सरकार ने की 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद

लखनऊ | उत्तर प्रदेश में किसानों को राहत देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने गेहूं खरीद की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में खाद्य एवं रसद विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक में गेहूं की खरीद को लेकर समीक्षा बैठक की और इसकी समुचित व्यवस्था करते हुए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम ने कहा कि प्रदेश में 2 हजार 978 गेहूं क्रय केंद्रों के माध्यम से 19 हजार 209 किसानों से अब तक 89972.77 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई इस खरीद के माध्यम से लगभग 129.04 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। पिछले साल प्रदेश में 2890 क्रय केंद्रों पर 19694 किसानों से 83485.47 मीट्रिक टन की खरीद हुई थी। गेहूं खरीद के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश उन्होंने गेहूं खरीद की व्यवस्था पर कहा कि जनपदों में संचालित समस्त क्रय केन्द्रों पर किसानों से गेहूं खरीद सुनिश्चित करायी जाये। किसानों के पंजीकरण एवं सत्यापन में प्रगति लाई जाये। पंचायती राज्य विभाग के जिला पंचायत राज्य अधिकारी को निर्देशित कर ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधानों का सहयोग प्राप्त कर गेहूं खरीद करायी जाये। जिलाधिकारी अपने स्तर से संचालित क्रय केन्द्रों की समीक्षा कर, जहां गेहूं की आवक नहीं हो रही है, उन क्रय केन्द्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ गेहूं की अच्छी आवक है, वहां संचालित कराया जाये। मोबाइल क्रय केन्द्रों के माध्यम से भी गेहूं की खरीद में प्रगति लायी जाये तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये। केंद्र सरकार भी जारी कर चुकी है आदेश उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद पर प्रदेश सरकार का ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार का भी विशेष ध्यान है। गेहूं खरीद में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार ने बीते 24 अप्रैल को आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया कि प्रदेश में पंचायतों और आढ़तियों के माध्यम से भी गेहूं खरीदा जाए। आरएमएस के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों और आढ़तियों के माध्यम से एफ.ए.क्यू. गेहूं खरीद पर अन्य समितियों की भांति उन्हें नियमानुसार 27 रुपये प्रति कुंतल कमीशन देय होगा।

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