एडमिशन फीस, एग्जाम फीस, ट्यूशन फीस और न जाने कौन-कौन सी फीस? प्राइवेट स्कूलों की इस मनमानी के आगे अक्सर मां-बाप बेबस नजर आते हैं। लेकिन नैनीताल में एक ऐसा एक्शन हुआ है। जिसने पूरे राज्य में हडकंप मचा दिया है। नैनीताल डीएम ने प्राइवेट स्कूलों की इसी मनमानी पर हंटर चलाते हुए पेरेंट्स की पाई-पाई वापस करवा दी है।
नैनीताल में स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर एक्शन
नैनीताल प्रशासन ने स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर ऐसा हंटर चलाया है जिसकी चर्चा पूरे राज्य भर में हो रही है। जो स्कूल अक्सर अलग-अलग फीस के नाम पर पेटेंस्ट्स से मोटी कमाई वसूलते थे। आज उन्हीं स्कूलों को पेरेंट्स के खातों में पूरे 39 लाख 5 हजार 405 रुपये वापस डालने पड़े।
स्कूलों में वसूली जा रही फीस के खिलाफ डीएम ने चलाया अभियान
दरअसल लंबे वक्त से पेरेंट्स Academic Session की शुरुआत के वक्त प्राइवेट स्कूल द्वारा अलग-अलग रुप से वसूली जा रही फीस के खिलाफ नैनीताल जिलाधिकारी से कंप्लेंट कर रहे थे। जिसके बाद जिलाधिकारी ललीत मोहन रयाल
सख्त रुख अपनाया। प्रशासन और शिक्षा विभाग की एक संयुक्त टीम बनाई गई। फिर इन कंप्लेंट्स को लेकर ऐसा सीक्रेट जांच अभियान चलाया गया जिसकी भनक किसी को नहीं थी।
87 निजी विद्यालयों में नियम तोड़कर फीस वसूलने की पुष्टि
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी वैसे वैसे प्राइवेट स्कूलों की मनमानी का सच सबके सामने आने लगा। जिले में 87 निजी विद्यालयों में नियम तोड़कर फीस वसूलने की पुष्टि हुई। हालांकि इसके बाद प्रशासन ने इन सभी 87 स्कूलों को अल्टीमेटम दे दिया कि या तो ये स्कूल पेरेंट्स का एक एक पैसा वापस करें या फिर स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
स्कूलों को अल्टीमेटम!, पैसे वापस या फिर रद्द होगी मान्यता
लिहाजा मान्यता रद्द होने के डर से अब तक 46 निजी स्कूलों ने पेरेंट्स को कुल 39 लाख 5 हजार 405 रुपये की अतिरिक्त फीस वापस कर दी है। इसके अलावा 8 स्कूलों ने नियमों के खिलाफ बढ़ाई गई ट्यूशन फीस को वापस से पुरानी दर पर ला दिया है। 39 स्कूलों ने मनमाने तरीके से वसूले जा रहे परीक्षा शुल्क में भारी कटौती की है।
15 स्कूलों में रेजिस्ट्रेसन शुल्क शून्य
15 स्कूल तो ऐसे हैं जिन्हें अपना रेजिस्ट्रेसन शुल्क या तो बिल्कुल कम करना पड़ा या पूरी तरह शून्य करना पड़ा। नैनीताल प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई ने पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण पेश किया है जिसकी चर्चा अब पूरे राज्य भर में हो रही है।
