जमानत याचिका में अधिवक्ता धर्मेन्द्र जोशी ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ 25 अप्रैल, 2023 को चंदवाजी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिसमें उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल, 2024 को उसकी पहली जमानत याचिका को मामले के अनुसंधान अधिकारी के बयान दर्ज होने के बाद पेश करने की छूट देते हुए खारिज कर दिया था। याचिका में कहा गया कि इतनी लंबी अवधि बीतने के बाद अभी तक जांच अधिकारी के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। इस पर अदालत ने जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश देते हुए बयान दर्ज नहीं कराने तक उसका वेतन रोकने को कहा है।
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