Thelokjan

site logo

शंकर कार्तिक नेत्रालय में हुआ निःशुल्क परामर्श का आयोजन

उत्तर प्रदेश | कानपुर वी.आई.पी. रोड पे स्थित शंकर र्कािर्तक नेत्रालय द्वारा स्वराज वृद्धाश्रम, पनकी में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 200 मरीज़ों का निःष््राुल्क परामर्श किया गया। और लगभग 95 मरीज़ों को शंकर कार्तिक नेत्रालय में रिफर किया गया। इस कैम्प से वृद्धाश्रम में मौजूद सभी महिलायें बहुत खुश हुई और उनकी आखों की समस्याआों का समाधान हुआ।

मोतियाबिंद में आँखों के कुदरती लेंस सफेद या धब्बेदार होने लगते हैं, जिससे इसकी पारदर्शिता पर असर आता है, धुंधलापन आ जाता है, और रोशनी फैली सी दिखती है। मोतियाबिंद में मरीज को दर्द नहीं होता, इसलिए रोगी शुरुआत में ज्यादा ध्यान नहीं देते । इसमें चश्में का नंबर भी बढ़ता घटता रहता है, उसको भी रोगी नजरअंदाज कर देता है। सर्जरी से ही इसका पूर्णतः इलाज हो सकता है।

शंकर कार्तिक नेत्रालय के ऑनर डॉ. मनीष सक्सैना ने बताया कि हम समय-समय पर निःशुल्क कैम्प और भी कई स्थानों में आयोजित करते रहेंगे, और हमारा प्रयास हमेशा गरीबों और बुजुर्गाे की मदद करना रहा है। इसके साथ ही डॉ. नेहा सक्सैना ने बताया कि शंकर कार्तिक नेत्रालय में विशेष तौर पर कैटरेक्ट, लेसिक, ग्लूकोमा, रेटिना आदि आंखों की बिमारियों का इलाज अनुभवी डॉक्टर्स, अनुभवी मेडिकल स्टाफ की देखरेख में अत्याधुनिक मशीनों द्वारा किया जाता है। हमारे यहां टीपीए, आयुष्यमान, सीजीएचएस व हैल्थ इन्श्योरेन्स की सुविधाएं भी दी जा रही है।

हमारा उद्देश्य यह है कि हम कानपुरवासियों को वह सुविधा दे जो बड़े शहरों में उपलब्ध है जिससे वह कानपुर में ही रहकर अच्छा और उच्चस्तरीय इलाज करा सकें।

Must Read

Latest News

मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग में सहायक लेखाकार के पद पर चयनित 67 अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र, बोल- उत्तराखंड को बनाएं सर्वश्रेष्ठ राज्य

 उत्तराखंड। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास परिसर में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में लोक सेवा आयोग के माध्यम से कृषि विभाग

Uniform Civil Code: उत्तराखंड में होगा ऐतिहासिक काम…कई दशक बाद धरातल पर उतरेगा यूसीसी, जानें अब तक की कहानी

कई दशक बाद यूसीसी धरातल पर उतरेगी। समान नागरिक संहिता की कानूनी जंग लड़ने वाले अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने कहना है कि उत्तराखंड में यह