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MP News:संस्कृति मंत्री लोधी ने केंद्रीय मंत्री शेखावत से की मुलाकात

संस्कृति, पर्यटन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने नई दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। उन्होंने श्री शेखावत से मध्यप्रदेश में संस्कृति एवं पर्यटन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। श्री लोधी ने केंद्रीय मंत्री से संगीत सम्राट तानसेन का शताब्दी समारोह राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में मनाने का आग्रह किया। मंत्री श्री लोधी ने कहा कि संगीत सम्राट तानसेन के नाम पर शास्त्रीय संगीत का 100 वर्षों से निरन्तर आयोजित होने वाला देश का “एकमात्र समारोह” तानसेन समारोह है। संगीत सम्राट तानसेन के ग्वालियर स्थित समाधि स्थल पर इसका आयोजन किया जाता है। ग्वालियर की सुदीर्घ संगीत परम्परा को देखते हुए ही यूनेस्को ने इसे “सिटी ऑफ म्यूजिक” घोषित किया है। उन्होंने कहा कि संगीत सम्राट तानसेन सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण राष्ट्र के हैं और उनकी ख्याति सारे विश्व में है। साथ ही शास्त्रीय संगीत की ध्रुपद शैली भी सम्पूर्ण विश्व में व्याप्त है। इस दृष्टि से तानसेन शताब्दी समारोह को न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरा राष्ट्र मनाये। मंत्री लोधी ने प्रस्ताव देते हुए कहा कि भारत सरकार की संगीत नाटक अकादमी के माध्यम से पूर्वरंग श्रृंखला के अंतर्गत ‘तानसेन समारोह’ का आयोजन देश के हर राज्य में आयोजित किया जावे, जिसमें मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग सह आयोजक के रुप में सम्मिलित हो सकेगा। इन कार्यक्रमों के अंतर्गत उत्कृष्ट शास्त्रीय संगीत केन्द्रित प्रस्तुतियाँ संयोजित किये जाने का अनुरोध है, जिससे मध्यप्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी तानसेन की ख्याति को विस्तारित किया जा सकेगा। संस्कृति मंत्री श्री लोधी 46वीं “विश्व धरोहर समिति” की बैठक में शामिल होने दिल्ली में मैजूद है। वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी की यह बैठक भारत मंडपम में होगी , जिसमें देश और दुनिया के 3200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।

MP News:मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर शिक्षण संस्थाओं में गुरू पूर्णिमा पर भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर मध्यप्रदेश में गुरू पूर्णिमा को उत्साहपूर्वक मनाने की शुरूआत की गई है। उनके निर्देश के अनुसार सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में गुरूजनों और शिक्षकों का सम्मान किया गया और विद्यार्थियों ने आशीर्वाद लिया। शिक्षकों ने गुरू पूर्णिमा के महत्व एवं पारंपरिक गुरू-शिष्य संस्कृति पर प्रकाश डाला। विद्यालयों में “प्राचीन काल में प्रचलित गुरूकुल व्यवस्था एवं उसका भारतीय संस्कृति पर प्रभाव” विषय पर निबंध लेखन आयोजित किया गया। राज्य शासन द्वारा विश्व विद्यालयों में पूर्व से प्रचलित “कुलपति” नाम को परिवर्तित कर “कुल गुरू” किये जाने के निर्णय से विद्यार्थियों को अवगत करवाया गया। गुरू भविष्य गढ़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि समाज में गुरू का स्थान सर्वप्रथम है। धार्मिक ग्रथों में तो यह भी कहा गया है कि गुरू इसलिए महत्वपूर्ण है, जो हमें सच्चे मार्ग और भगवान की शक्ति का ज्ञान कराते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन स्कूल शिक्षा में शिक्षकों की बेहतरी के लिये लगातार निर्णय ले रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके इसके लिये प्रदेश में पीएम श्री और सीएम राइज स्कूल लगातार खोले जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह नरसिंहपुर जिले के राजमार्ग स्थित रूकमणी देवी पब्लिक स्कूल में आयोजित गुरू पूर्णिमा उत्सव को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है कि वह बच्चों को अच्छे संस्कार दे। जब इन संस्कारों के साथ बच्चे स्कूलों में शिक्षा गृहण करेंगे, तो वे आगे चलकर जिम्मेदार नागरिक के साथ-साथ अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि गुरू की शिक्षा से ही देश और प्रदेश की अनेक प्रतिभाएं सभी क्षेत्रों में उललेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं। प्रत्येक सफल व्यक्ति के पीछे उसके गुरू द्वारा दी गई शिक्षा अनमोल होती है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों, पालकों और छात्रों से सीधा संवाद भी किया। स्कूल शिक्षा मंत्री शनिवार को जिले के गाडरवाड़ा के पीएम श्री स्कूल और नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी में रावतपुरा इंटरनेशनल स्कूल एवं भाऊ साहब भुस्कटे स्मृति लोक न्यास द्वारा संचालित सैनिक स्कूल के गुरू पूर्णिमा समारोह में शामिल हुए। स्कूल शिक्षा मंत्री ने इन शालाओं का कक्षाओं और साइंस लैब का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी के लिये राज्य शासन हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराएगा। समारोह के दौरान छात्रों ने स्कूल शिक्षा मंत्री से लोक रूचि से संबंधित प्रश्न भी पूछे और जवाब दिया गया।  भारतीय ज्ञान की उपलब्धि जो विश्व भर में अनुसरणीय उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शाजापुर जिले के शुजालपुर स्थित शासकीय जेएनएस महाविद्यालय में आयोजित गुरु पूर्णिमा उत्सव में कहा कि शिक्षा के माध्यम से पुरातन से सीखकर नूतन की ओर आगे बढ़ते हुए विश्वमंच पर भारत को सिरमौर बनाना हमारा ध्येय है। इसके लिए भारतीय ज्ञान परम्परा को शिक्षा में पुनर्स्थापित कर आमूलचूल परिवर्तन जारी है। श्री परमार ने कहा कि दुनिया को भारत के ज्ञान पर गर्व है। जो देश अपने ही ज्ञान को समाप्त कर देता है, उसकी पहचान भी स्वतः समाप्त हो जायेगी।  उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारतीय समाज का दृष्टिकोण विज्ञान पर आधारित दृष्टिकोण है। भारत की ज्ञान परम्परा पर पुनः अध्ययन एवं अनुसंधान करने की आवश्यकता है। श्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जब भारतीय परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 को लागू किया, तब से देश भर में भारत की उपलब्धियों और उल्लेखनीय कार्यों पर गर्व का भाव जागृत हुआ है। अपनी भाषा, अपने ज्ञान, अपनी विरासत को पुनर्स्थापित करते हुए विश्वमंच पर विश्वगुरु के रूप में पुनः स्थापित होंगे। श्री परमार ने कहा कि युगानुकुल परिवर्तन करना हमारा व्यापक दृष्टिकोण है। “कण” की परिकल्पना भारतीय ऋषि कणाद ऋषि की अवधारणा थी। उसके बाद आधुनिक युग में अणु और परमाणु का विकास हुआ। विश्व को “शून्य” भारत ने दिया, तब जाकर विश्व में अंक गणना संभव हो सकी। भारत के महान अविष्कारक श्री आर्यभट्ट ने तथ्यों के अनुरूप “पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है” के रूप में प्रमाणित किया। यह हमारे भारतीय ज्ञान की उपलब्धि है, जो विश्व भर में अनुसरणीय है।

MP News:पचमढ़ी मानसून मैराथन-हल्की फुहारों के बीच रनर्स ने लगाई दौड़

नर्मदापुरम जिले के हिल स्टेशन पचमढ़ी में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) के सहयोग से ‘एडवेंचर एंड यू’ (के.ए. कनेक्ट) पचमढ़ी मानसून मैराथन का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। जिला प्रशासन नर्मदापुरम के सहयोग से आयोजित हुई मैराथन में देशभर से 1165 धावकों ने हिस्सा लिया और पचमढ़ी के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर एवं 5 किलोमीटर श्रेणियों में दौड़ लगाई गई। मैराथन दौड़ की शुरुआत एमपीटी ग्लेनव्यू होटल से हुई। 42 किलोमीटर दौड़ सुबह 3 बजे शुरू हुई। शेष तीनों दौड़ सुबह 6 बजे शुरू की गई। जिसे टूरिज्म बोर्ड के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ.श्री संतोष कुमार श्रीवास्तव, डिप्टी डायरेक्टर श्री वीरेंद्र खंडेलवाल ने फ्लैगऑफ की। दौड़ में छः वर्ष के बच्चे से लेकर 82 वर्ष के बुजुर्ग ने हिस्सा लिया। नर्मदापुर की पूर्व कलेक्टर श्रीमती दास भी 21 किमी दौड़ में शामिल हुई। विजेताओं को ट्रॉफी एवं मैडल समापन के बाद एक समारोह में अतिथियों द्वारा विजेताओं को ट्रॉफी व मेडल दिए। मानसून मैराथन में देशभर से लोग शामिल हुए और सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी में प्राकर्तिक सौंदर्य का आनंद लिया। 82 वर्ष के बुजुर्ग श्री मोहन लाल यादव, गोंदिया महाराष्ट्र को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री ए.यू. खान, सहायक संचालक श्री के.के. सिंह, केए कनेक्ट से मितेश रामभिया भी विशेष रूप से मौजूद थे। विजेताओं की सूची 42 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता अंकित शर्मा। 42 किलोमीटर (महिला) में प्रथम विजेता प्रेम लता गुप्ता। 21 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता मोहित कोरे। 21 किलोमीटर (महिला) में प्रथम विजेता निधि तरारे। 10 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता विशाल कौशल। 10 किलोमीटर (महिला) में प्रथम विजेता रीता तरारे। 5 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता अमित प्रजापती। 5 किलोमीटर (महिला) में जयश्री भूरे प्रथम विजेता रही।

MP News:भारतीय संस्कृति में गुरूजनों का स्थान सर्वोच्च- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में गुरुजनों का स्थान सर्वोच्च है। गुरू शिक्षा के साथ ही ज्ञान का प्रसार भी करते हैं। वे अपने शिष्यों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरुजनों का सम्मान भारतीय परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुरुजनों के सम्मान के लिए अब प्रदेश में हर वर्ष सभी स्कूल और कॉलेजों में गुरूपूर्णिमा का महापर्व मनाया जाएगा। विद्यार्थियों को गुरुओं की महत्ता बताई जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस आयोजन से जुड़े और गुरुओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में आयोजित गुरू पूर्णिमा के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाभारत के अनेक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए गुरू शिष्य परम्पराओं का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि गुरू शिक्षा के साथ ज्ञान भी देते हैं। वे अन्याय एवं अधर्म से लड़ना सिखातें हैं। जीवन जीने की कला सिखाते और शिक्षा एवं ज्ञान का दान करते हैं। इस कार्य में वे अपने कष्टों को भी बाधा नहीं बनने देते हैं। गुरू का साथ मिलते ही शिष्य के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और वह सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त करने लगता है। उन्होंने कहा कि गुरू-परम्परा समुचित मानवता को धन्य करने की परम्परा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य सांदीपनि का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुजन राष्ट्रवादी सोच का प्रवाह अपने शिष्यों में करते हैं। आचार्य सांदीपनि इसका बेहतर उदाहरण है। आचार्य सांदीपनि ने अपने ज्ञान से राष्ट्र निर्माण और अपने राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव सिखाया है। गुरुओं का महत्व सबके के सामने आना चाहिए। इसके लिये हमने प्रदेश में हर वर्ष स्कूल और कॉलेजों में गुरू पूर्णिमा का महापर्व पूर्ण आस्था और श्रद्धा के साथ मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भारत देश को अपने ज्ञान के आधार पर ही विश्व गुरु का दर्जा मिला है। महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरू श्री मिथिला प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि गुरुओं का जीवन में अक्षुण्ण महत्व है। गुरू अंतस के अंधकार को भी मिटाता है। गुरू अपना सब कुछ शिष्य को दे देता है। गुरू शिष्य में प्रतिबिंबित होते हैं। गुरू ज्ञान के साथ ही संस्कार एवं जीवन मूल्य भी सिखाते हैं। गुरुओं के महत्व को बताने के लिये राज्य शासन द्वारा हर वर्ष गुरू पूर्णिमा का महापर्व मनाये जाने का निर्णय सराहनीय है। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री के.सी. गुप्ता ने भारतीय परंपरा में गुरु शिष्य के संबंधों की महत्ता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के प्रारंभ में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. रेणु जैन ने स्वागत भाषण दिया। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलगुरूओं एवं शिक्षक गणों का सम्मान भी किया गया। साथ ही गुरू पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय गणित पर लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में उन्होंने मोढ़ी लिपि को देवनागरी लिपि में परिवर्तित करने, सॉफ्टवेयर तैयार करने वाली बालिका अंशिका जैन का सम्मान भी किया। गुरुजनों के बीच पहुंचे और पुष्प वर्षा कर सम्मान किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज गुरू पूर्णिमा के अवसर पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। डॉ. यादव मंच से उतरकर गुरुजनों के बीच पहुंचे। उन्होंने सभागृह में मौजूद पूर्व कुलगुरूओं एवं शिक्षकों का पुष्प वर्षा कर सम्मान किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री मधु वर्मा तथा श्री गोलू शुक्ला, संभागायुक्त श्री दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री आशीष सिंह, श्री गौरव रणदिवे भी मौजूद थे।

MP News:रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में लगी औद्योगिक उत्पादों की प्रदर्शनी बनीं आकर्षण का केन्द्र

प्रदेश में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस कल्चरल एंड इन्फारमेशन सेंटर में शनिवार को आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव के दौरान औद्योगिक उत्पादों में, डिंडोरी के श्री अन्न, जबलपुर रेडीमेड गारमेण्ट क्लस्टर, ड्रोन एवं गोंड पेन्टिंग सहित भारत सरकार के रक्षा संस्थानों और निजी औद्योगिक संस्थानों से निर्मित सुरक्षा एवं सैन्य संबंधी उत्पादों की लगी प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र रही।लोगों ने उत्सुकता से प्रदर्शनी के विभिन्न स्टालों को देखा और उनके प्रतिनिधियों से उत्पादों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जबलपुर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की थीम “संस्कारधानी में उद्योगों का संगम” है। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस कल्चरल एंड इन्फारमेशन सेंटर में बने मां रेवा हाल, जबलपुर हाट और मां शारदा हाल में लगी प्रदर्शनी में कई नामचीन औद्योगिक इकाइयों, प्रतिष्ठित ब्रांडों के उत्पादों और कई तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। मां रेवा हाल में पर्यटकों के लिए मध्यप्रदेश के बेजोड़ और समृद्ध प्राकृतिक सौन्दर्य एवं धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों की खूबियों व खासियतों को प्रदर्शित करती पर्यटन के विपुल संभावनाओं के खजाने की नायाब व जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस कल्चरल एंड इन्फारमेशन सेंटर के भू-तल स्थित मां शारदा हाल में लगी आर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया, व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर और गन कैरिज फैक्ट्री जबलपुर में निर्मित सैन्य व रक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी को देखने लोग उमड़ पड़े। यहां लगी प्रदर्शनी लोगों के खास आकर्षण का केन्द्र रही। प्रदर्शनी में गन कैरेज फैक्ट्री में निर्मित भारतीय सेना द्वारा उपयोग की जा रही अत्याधुनिक धनुष गन और लाइट फील्ड गन के प्रदर्शित स्केल्ड माडल के प्रति लोगों ने खासी दिलचस्पी दिखाई। इसी प्रकार व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में बने आर्म्ड फाइटिंग टैंक टी-72 के इलेक्ट्रिक उपकरणों व टैंक के इंजन पार्ट और आर्डिनेंस फैक्ट्री जबलपुर में निर्मित विभिन्न प्रकार के राकेट लांचर और 84 मि.मी. स्मोक और एच ई डी पी उपकरण का प्रदर्शन किया गया। इसी प्रकार निजी क्षेत्र की कंपनी रार इंजीनियरिंग द्वारा निर्मित डिफेंस के रिसर्च डेवलपमेंट उपकरण की प्रदर्शनी को भी लोगों ने खूब सराहा। इसके अलावा ए.आई. टेक्नोलॉजी से युक्त ए.आई. इनेबल्ड ड्रोन को देखने और जानने के लिये लोग उत्सुक दिखे।

MP News:मध्यप्रदेश प्राकृतिक, पुरातात्विक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध – पर्यटन मंत्री

पर्यटन और संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक, पुरातात्विक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध प्रदेश हैं। मध्यप्रदेश का पर्यटन की दृष्टि से गौरवशाली इतिहास देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। राज्य मंत्री श्री लोधी जबलपुर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में प्रदेश में टूरिज्म क्षेत्र में सम्भावनाओं पर सेक्टोरियल सेशन को सम्बोधित कर रहे थे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश पर्यटन क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष में 11 करोड़ से अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश के विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों में पहुँचे, जिसमें से अकेले महाकाल लोक उज्जैन का 5 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि महाकाल लोक की तर्ज पर प्रदेश के अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को लोक के रूप में विकसित किया जा रहा है। श्री लोधी बताया प्रदेश में श्रीराम पथ गमन के निर्माण के लिए चित्रकूट सहित भगवान श्री राम के वन गमन से संबंधित 23 स्थानों को चिन्हित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।  पर्यटन मंत्री श्री लोधी ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को पर्यटन में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा हैं। हाल ही में पीएमश्री हेली सेवा योजना के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थल को जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर स्थित स्टेच्यू ऑफ वननेस से गुजरात स्थित स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के बीच क्रूज सेवा प्रारंभ करने के लिए मध्यप्रदेश एवं गुजरात के बीच एमओयू साइन किये गए हैं। मंत्री श्री लोधी ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उपस्थित उद्योगपतियों से पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने के लिए आगे आने की अपील की। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति श्री शिव शेखर शुक्ला ने प्रदेश में पर्यटन और आतिथ्य के क्षेत्र में संभावनाओं और प्रदेश के गंतव्य स्थलों की विशेषताओं को विस्तार से निवेशकों के बीच रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 12 राष्ट्रीय उद्यान, 25 अभ्यारण्य, 7 टाइगर रिजर्व, 14 यूनेस्को विश्व विरासत स्थल (11 टेंटेटिव और 3 परमानेंट साइट) और श्री महाकालेश्वर एवं श्री ओंकारेश्वर 2 ज्योतिर्लिंग का होना प्रदेश को प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक रूप से समृद्ध बनाता है। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने निवेशकों को मध्यप्रदेश पर्यटन नीति-2019 की विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि निवेशकों की सुविधा के लिए पृथक से एक विंग बनाया गया है। ई -टेंडरिंग की पारदर्शी प्रक्रिया के द्वारा भूमि का आवंटन किया जाता है। प्रदेश में 100 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स को सरकारी भूमि का सीधे आवंटन किया जा सकता है। साथ ही प्रदेश में कैपिटल पर 30 प्रतिशत की सब्सिडी, 90 करोड़ रूपये तक की दी जाती हैं। इसके अलावा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रोजेक्ट और ब्रांडेड श्रेणी के इन्वेस्टमेंट पर अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है।  भूमि का आरक्षित मूल्य ग्रामीण क्षेत्र में 5 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर, शहरी क्षेत्र में 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर और हेरिटेज संपत्ति का एक लाख रूपये प्रति संपत्ति के अनुसार रखा जाता है। भूमि का आवंटन 90 वर्ष तक की लीज पर किया जाता है। साथ ही स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की प्रतिपूर्ति और वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाते है। निवेशक को उसकी संपत्ति को गिरवी रखने की भी अनुमति दी जाती है। पर्यटन नीति में होटल, रिजॉर्ट, कैंपिंग साइट, हेरिटेज होटल, क्रूस टूरिज्म, फिल्म स्टूडियो, कारवां टूरिज्म सहित 18 प्रोजेक्ट्स को शामिल किये गए हैं।  प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावना है। पन्ना टाइगर रिजर्व के पास लक्ष्मीपुर पैलेस, मांडू के पास मलकाम कोठी, भोपाल में जगदीशपुर का गोंड महल और टीकमगढ़ में मोहनगढ़ का किला के आवंटन के लिए निविदा जारी की जाएगी। प्रदेश में 400 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर निवेश किया जा सकता है। प्रमुख रूप से भोपाल में 36 हेक्टेयर से अधिक की 9 भूमि और एक हेरिटेज संपत्ति, ग्वालियर में 2 हेक्टेयर की भूमि, इंदौर में 175 हेक्टेयर से अधिक की 14 भूमि और 1 हेरिटेज संपत्ति, जबलपुर में 186 हेक्टेयर से अधिक की  9 भूमि एवं खजुराहो में 9 हैक्टेयर से अधिक की 3 भूमि और 2 हेरिटेज संपत्ति उपलब्ध हैं।  प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि आगामी समय में पीपीपी मोड पर संपत्तियों का आवंटन किया जाएगा। इसमें होटल लेक व्यू भोपाल, टेंट सिटी, कारवां टूरिज्म, पंचमढ़ी और भोपाल में गोल्फ कोर्स का संचालन, रोप-वे  का संचालन आदि प्रमुख हैं। इस तरह यह सभी अवसर अनायास ही निवेशकों को प्रदेश में निवेश करने के लिए आमन्त्रित करते हैं।  प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में फिल्मांकन को प्रोत्साहित करने और फिल्म क्षेत्र में अधोसंरचना को बढ़ावा देने के लिए फिल्म पर्यटन नीति के माध्यम से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। फीचर फिल्म पर 2 करोड़ रूपये तक, वेबसीरीज और टीवी सीरीयल पर 1 करोड़ रुपए तक, मध्यप्रदेश पर निर्मित डॉक्यूमेंट्री पर 40 लाख रूपये तक, सिनेमा हॉल निर्माण पर 1 करोड़ रूपये तक, फिल्म संबंधित अधोसंरचना के विकास के लिए 90 करोड़ रूपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा रहा है। ग्वालियर में विवांता एवं इंदौर में ताज और विवांता के होटल खुलेंगे- श्री विशाल शर्मा ताज ग्रुप ऑफ होटल्स के क्लस्टर जनरल श्री विशाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में होटल ऑपरेशन के दौरान पिछले 2 महीने में ही वह प्रदेश के 40 प्रतिशत से अधिक पर्यटन स्थलों पर भ्रमण कर चुके हैं। यह उनके जीवन का अविस्मरणीय पल बन गया है। प्रदेश की सुंदरता और पर्यटन गतिविधियों से प्रभावित होकर ताज ग्रुप ने ग्वालियर में विवांता और इंदौर में ताज और विवांता के होटल खोले जाने का निर्णय लिया है। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य स्थलों पर भी होटल खोले जाएंगे। मध्यप्रदेश फिल्मांकन के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य- श्री तनुज गर्ग एलिप्सिस एंटरटेनमेंट के प्रोड्यूसर और मैनेजिंग पार्टनर श्री तनुज गर्ग ने कहा कि वह फिल्म निर्माण के लिए मध्यप्रदेश आए और मध्यप्रदेश के ही होकर रह गए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश फिल्मांकन के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। यहां प्राकृतिक, ऐतिहासिक  और सांस्कृतिक स्थल बरबस ही फिल्मकारों को आकर्षित करते हैं। प्रोडक्शन हाउस और फिल्मकारों

MP News:जबलपुर में बनेगा टेक्सटाइल का अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अनेक क्षेत्रों में उद्द्योग स्थापना का कार्य प्राथमिकता से किया जायेगा। मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, रक्षा संस्थान के लिए एक टैंक निर्माण, फार्मा क्षेत्र और पर्यटन के क्षेत्र में नए-नए उद्योग प्रारंभ किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज जबलपुर के “सुभाष चंद्र बोस कल्चरल एंड इनफॉरमेशन सेंटर” में रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव में उद्योगों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की। यह सभी घोषणाएं उद्योगों के प्रोत्साहन से संबंधित हैं। कॉन्क्लेव में देश-विदेश के अनेक प्रमुख उद्योगपति शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर में टेक्सटाइल के अति आधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत की जायेगी, जिससे विशेष रूप से बहनों को रोजगार प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश में वर्ष 2024 की आज दूसरी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव जबलपुर में हुई। इसमें ताईवान, मलेशिया, ब्रिटेन, फिजी और इंडोनेशिया के साथ और देश के विभिन्न राज्यों से बड़े उद्योगपति शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि गत मार्च-2024 में उज्जैन में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव में प्रदेश की 29 औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और 38 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया। प्रदेश के विभिन्न 10 स्थान से जन-प्रतिनिधि लोकार्पण और भूमि पूजन कार्यक्रम से जुड़े। इनमें कुल 1500 करोड रुपए का निवेश होगा और 4500 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। औद्योगिक इकाइयों को आशय-पत्र सौंपे गये, जिससे करीब 12 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। कुल 340 एकड़ भूमि के आवंटन के लिए आशय-पत्र सौंपे गये। कॉन्क्लेव में आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम पॉलिसी-2023 का विमोचन भी किया गया। अशोक लीलैंड का करारनामा कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 600 करोड रूपये के निवेश के लिए अशोक लीलैंड और आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड के बीच करारनामा हुआ। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में यह नया कदम है। यह रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश है। साथ ही सहयोग क्षेत्र में विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रक्षा संस्थान के लिए अब तक तोप निर्माण का कार्य होता रहा है, अब सेना के लिए टैंक भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 16 औद्योगिक पार्क के माध्यम से कुल 517 लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों द्वारा पौने छः हजार करोड़ का निवेश किया गया, जिससे 20 हजार लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आज 67 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमिपूजन एक महत्वपूर्ण समेकित प्रयास है। प्रदेश के 10 स्थानों से मंत्री, सांसद, विधायक वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-प्रतिनिधियों से चर्चा कर उन्हें नवीन इकाइयों की सौगात के लिये बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कॉन्क्लेव में अनेक विभागों ने उद्द्योग हितैषी नीतियों की जानकारी दी है। खनिज के क्षेत्र में उड़ीसा के बाद मध्यप्रदेश द्वितीय स्थान पर है। खदानों की निलामी में मध्यप्रदेश की पारदर्शी प्रक्रिया देश में अग्रणी मानी गई है। इसके लिये भारत सरकार द्वारा पुरस्कार भी प्रदान किया गया। प्रदेश में हीरे का खनन तो होता है, अब इन्हें तराशने का कार्य भी किया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। काल के प्रवाह में अनेक बाधाएं भी देश ने देखीं लेकिन भारत ने पराक्रम, परिश्रम और आत्मविश्वास से आगे बढ़ कर दिखा दिया है कि हमारी प्रगति को कोई रोक नहीं सकता। उद्योगपतियों को दिया मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आएं। उन्होंने कहा कि श्रम के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश में प्रोत्साहनकारी नीतियां हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक नए कार्य हो रहे हैं। पिछले दो-तीन वर्ष में विश्वविद्यालयों के माध्यम से रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाया गया है। प्रदेश में पहले कभी सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज होते थे, अब यह संख्या बढ़कर 25 होने जा रही है। प्रदेश में सघन वन क्षेत्र है। इस क्षेत्र में भी संभावनाओं को तलाश कर उन्हें साकार किया जायेगा। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में 275 इकाइयां कार्य कर रही हैं। अकेले पीथमपुर में 60 इकाइयां हैं। हमारे प्रदेश से 160 से अधिक देशों को फार्मा प्रोडक्ट निर्यात किये जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में 150 प्रतिशत प्रोत्साहन के लिये हम तैयार हैं। प्रदेश में उद्योगों को पानी और बिजली की आपूर्ति पर विशेष राहत प्रदान की गई है। दो मेगा फूड पार्क आ रहे है। पहले से 8 फूड पार्क संचालित है। ऐसी इकाइयों की संख्या निरन्तर बढ़ाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वोल्वो आयशर के एमडी से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में रिसर्च सेंटर भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रारंभ में उद्योगों के विकास से संबंधित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। जबलपुर हाट के अंतर्गत विभिन्न लघु उद्योग इकाइयों और व्यवसायियों द्वारा उत्पाद सामग्री का विवरण प्रदर्शनी में दिया गया। उद्घाटन सत्र के प्रारंभ में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने विभिन्न उद्योगपतियों का शॉल और पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उपस्थित अतिथियों में अडानी पॉवर, नेटलिंक, वैद्यनाथ ग्रुप दावत फूड्स, वोल्वो आयशर, एवीएनएल, एनसीएल, स्वराज शूटिंग लोहिया एनर्जी, आदि-शक्ति राइस मिल, फिनिक्स पोल्ट्री, इनफो-विजन दुबई और दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स (डिक्की) सहित अन्य अनेक उद्योग संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे। प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश की निवेश नीति और निवेश संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक अधो-संरचना और औद्योगिक कॉरिडोर की विशेषताओं के साथ निवेशक अनुकूल औद्योगिक नीति में सब्सिडी और वित्तीय प्रोत्साहन पर भी प्रकाश डाला। साथ ही सभी निवेशकों को आगामी वर्ष 2025 में 7-8 फरवरी को भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सहभागिता के लिए आमन्त्रित किया। कॉन्क्लेव के शुभारम्भ अवसर पर अतिथियों का स्वागत कर मध्यप्रदेश की विशेषताओं पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। जबलपुर की रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 4 हजार से ज्यादा निवेशक जुटे। निवेश के लिए उद्यमियों से वन-टू-वन चर्चा भी हुई। कॉन्क्लेव में 5 सेक्टर्स एयो, माइंस, डिफेंस, टूरिज्म और गारमेंट्स उद्योग पर फोकस किया गया। प्रमुख सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने सूक्ष्म, लघु

MP News:पौधा लगाएं और संकल्प लें उसकी देखभाल का – मंत्री

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने पौध-रोपण किया और संकल्प लिया कि वे उनके द्वारा लगाए जा रहे सभी पौधों की देखभाल भी करेंगे। मंत्री श्री राजपूत ओशो हनुमान पहाड़ी, बटालियन, मकरोनिया में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान अंतर्गत वृहद पौध-रोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। श्री राजपूत ने कहा की मात्र पौधा लगाना मकसद नहीं है बल्कि पौधे की परिवार के सदस्य जैसी जिम्मेदारी समझते हुए देखभाल करना भी जरूरी है। उन्होंने इस अभियान को स्वच्छता मिशन से जोड़ते हुए कहा कि हम यदि स्वच्छ वायु, ऑक्सीजन, स्वच्छ वातावरण चाहते हैं तो वृक्षों का उसमें सबसे अहम योगदान है। हमारा वातावरण स्वच्छ रहे इसके लिए हमारा परिवेश वृक्षों से आच्छादित होना आवश्यक है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार समाज का हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पौध-रोपण कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज हम जो पौधा रोप रहे हैं वह कल हमारा सच्चा मित्र बनकर बड़ा होगा, जो हमें फल, छाया के साथ स्वच्छ वातावरण भी देगा। इसलिए पौधे के लिए आवश्यक पानी, खाद सभी उचित मात्रा में मिले, इसकी भी व्यवस्था करें। हम अपने मां, पिता के नाम पर पेड़ लगाते हैं और हमारे द्वारा आज लगाए गए पौधे वर्षों तक जीवित रहकर उनका स्मरण कराते हैं। विधायक श्री प्रदीप लारिया ने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है और हमें भी प्रकृति को देने की आवश्यकता है। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान हमें यह अवसर देता है कि प्रकृति के प्रति हम अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में भी वृक्ष पूजनीय हैं। वे हमें जीवन जीने के लिए अति आवश्यक आक्सीजन प्रदान करते हैं। हम सभी आगे आएं और एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल भी करें। नगर पालिका मकरोनिया के अध्यक्ष श्री मिहीलाल अहिरवार ने आभार व्यक्ति किया। इस अवसर पर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, जनप्रतिनिधि, सागर संभाग के कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत, पुलिस महा निरीक्षक श्री प्रमोद वर्मा, कलेक्टर श्री दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक तिवारी, नगर निगम कमिश्नर श्री राजकुमार खत्री सहित छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

MP News:प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में कारीगरों को प्रशिक्षण देकर इनके उत्पादों की भी करेंगे मार्केटिंग – राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जायसवाल

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विगत 17 सितम्बर 2023 को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रारंभ की गई। इस योजना में अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों एवं शिल्पकारों को हर प्रकार की सहायता दी जाएगी। इस योजना में 18 प्रकार के परंपरागत व्यवसायों जैसे बढ़ई, नाव निर्माता, कवच निर्माता, लोहार, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार (मूर्तिकार व पत्थर तराशने वाले), पत्थर तोड़ने वाले, मोची (चर्मकार)/जूते बनाने वाले, राज-मिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू निर्माता/कॉयर बुनकर, गुड़िया और खिलौने निर्माता (पारम्परिक), नाई, माला निर्माता, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने के जाल बनाने वाले कारीगरों को शामिल किया गया है। इस योजना में पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र एवं आईडी कार्ड के जरिये कारीगरों और शिल्पकारों का पात्रता पंजीयन किया जाएगा। इन पात्र कारीगरों को 5 से 7 दिनों का बुनियादी प्रशिक्षण और 15 दिन या इससे अधिक दिन का उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान 500 रूपये प्रतिदिन की दर से शिष्यवृत्ति (Styfund) भी दी जाएगी। इसके अलावा बुनियादी कौशल प्रशिक्षण की शुरूआत में ई-वाऊचर के रूप में 15 हजार रूपये तक का टूलकिट प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। योजना में कारीगरों एवं शिल्पकारों को व्यवसाय/दुकान/आऊटलेट स्थापित करने के लिये बैंक लिंकेज व पात्रतानुसार लोन लिंकेज भी दिया जाएगा। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग 18 प्रकार के परम्परागत कामों में लगे कारीगरों एवं शिल्पकारों को विधिवत प्रशिक्षण देगा और इनके उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के लिये मार्केटिंग की जिम्मेदारी भी निभायेगी। कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने गुरूवार को मंत्रालय में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग से जुड़े दायित्वों के संबंध में बैठक की। बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की लक्ष्य पूर्ति पर तेजी से काम करने एवं योजना के आलोक में विभागीय अधिकारियों के मध्य दायित्व निर्धारण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि योजना को लक्षित वर्ग के हितग्राहियों तक पहुँचाने के लिये कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग कारीगरों एवं शिल्पकारों के उत्पादों को बाजार मुहैया कराने के लिये हर स्तर पर जाकर मार्केटिंग करेगा। श्री जायसवाल ने कहा कि रेशम व खादी के उत्पादों की मांग दिनों दिन बढ़ रही है, इसलिये विभागीय तौर पर इनकी आपूर्ति बढ़ानी होगी। इसके लिये रेशम व खादी वस्त्रों का उत्पादन बढ़ाने के लिये हर जरूरी कदम उठाये जायें। रीजनल इन्डस्ट्रियल कॉन्क्लेव जबलपुर में लगाएं विभागीय स्टॉल बैठक में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 20 जुलाई को जबलपुर में होने वाली ‘रीजनल इन्डस्ट्रियल कॉन्क्लेव’ में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग का स्टॉल भी लगाया जाए। साथ ही उत्पाद बिक्री काउन्टर भी लगाएं। इससे विभाग के उत्पादों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ बिक्री भी होगी। बताया गया कि जबलपुर में हाथकरघा, खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड के उत्पादों के साथ-साथ विन्ध्या वैली उत्पादों को भी स्टॉल लगाकर प्रदर्शित किया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव, कुटीर एवं ग्रामोद्योग श्री अमित राठौर, सचिव, खादी व ग्रामोद्योग विकास बोर्ड श्री माल सिंह, मप्र संत रविदास हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम के प्रबंध संचालक तथा आयुक्त, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा श्री मोहित बुंदस सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

MP News:प्रदेश को विभिन्न श्रेणियों में मिले पुरस्कार, प्रदेश हुआ गौरवान्वित – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को नई दिल्ली में “उत्कृष्टता की ओर बढ़ते कदम” कार्यक्रम में सिस्टमेटिक प्रोग्रेसिव एनेलेटिकल रियलटाईम रैंकिंग अवार्ड (स्पार्क) सेरेमनी में विभिन्न श्रेणियों में 11 पुरस्कार मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को मिली उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी प्रदेश के विकास में अनवरत समन्वित प्रयास से इसी तरह की उपलब्धियाँ हासिल करेंगे। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर एवं केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू से 18 जुलाई को नई दिल्ली में मध्यप्रदेश की ओर से प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री नीरज मण्डलोई ने पुरस्कार प्राप्त किये। “उत्कृष्टता की ओर बढ़ते कदम” कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को कुल 11 अवार्ड प्राप्त हुए। इसमें से 4 अवार्ड मध्यप्रदेश राज्य को संपूर्ण भारत में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये और 7 अन्य निकायों को विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त हुए हैं। मध्यप्रदेश को पी.एम. स्वनिधि योजना में बेस्ट परफार्मिंग स्टेट (लोन परफार्मेंस-लार्ज स्टेट) और बेस्ट परफार्मिंग स्टेट (इनोवेशन एण्ड बेस्ट प्रेक्टिसेस) दोनों ही श्रेणियों में प्रथम स्थान मिला है। इसी प्रकार डे-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना में मध्यप्रदेश दो श्रेणियों में प्रथम स्थान पर है। इनमें “बेस्ट परफार्मिंग स्टेट अंडर बेस्ट इनोवेशन एण्ड टेक्नोलॉजी” और “बेस्ट सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर” श्रेणी शामिल है। मध्यप्रदेश ने पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना में देशभर में 11 लाख 95 हजार से अधिक ऋण वितरित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में पीएम स्ट्रीट वेण्डर योजना में 8 लाख 38 हजार स्ट्रीट वेंडर डिजिटली लेन-देन कर रहे हैं। इन स्ट्रीट वेंडरों को करीब 21 करोड़ रूपये की केश राशि बैंक से प्राप्त हुई है। पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना से वर्ष 2021 से 1 लाख 99 हजार ऋण प्रकरणों में राशि वितरित की गई। वर्ष 2022 में 1 लाख 70 हजार ऋण प्रकरणों में राशि वितरित की गई। वर्ष 2023 में 4 लाख 84 हजार ऋण प्रकरण में राशि वितरित की गई। वर्तमान में मध्यप्रदेश ने कुल लक्ष्य के विरूद्ध 101.26 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश में इस वर्ष सर्वाधिक प्रकरणों की स्वीकृति कर राशि का वितरण किया गया है। पीएम स्व-निधि योजना के तहत 10, 20 एवं 50 हजार रूपये के ऋण चरण वार पथ विक्रेताओं को स्वीकृत किये गये हैं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के द्वारा किये गये बेहतरीन कार्य के लिये सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नगरीय विकास विभाग को उत्कृष्ट कार्य के लिये मिलने वाले यह पुरस्कार सभी का मनोबल ऊँचा करेंगे और बेहतर कार्य करने के लिये प्रेरित करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के नगरीय निकायों को भी विभिन्न श्रेणियों में 7 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत उज्जैन नगर निगम को 1 से 10 लाख जनसंख्या वाले स्थानीय निकायों में ‘ऋण प्रदर्शन’ श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। सारणी नगर पालिका परिषद को इसी श्रेणी में 1 लाख आबादी से कम जनसंख्या वाले नगरों में तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। खरगौन नगर पालिका को 1 से 10 लाख जनसंख्या वाले स्थानीय निकायों में ‘स्वनिधि से समृद्धि में उपलब्धि’ श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। डे-एनयूएलएम योजना के अंतर्गत जबलपुर को 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय श्रेणी में सम्मानित किया गया है। डे-एनयूएलएम योजना के क्रियान्वयन के लिए सीधी को द्वितीय पुरस्कार, मंदसौर एवं इटारसी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। पीएम स्व-निधि योजना से लाभान्वित 2 शहरी पथ विक्रेताओं और 2 सहायता समूहों को भी सम्मानित किया गया।

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MP News:संस्कृति मंत्री लोधी ने केंद्रीय मंत्री शेखावत से की मुलाकात

संस्कृति, पर्यटन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने नई दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। उन्होंने श्री शेखावत से मध्यप्रदेश में संस्कृति एवं पर्यटन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। श्री लोधी ने केंद्रीय मंत्री से संगीत सम्राट तानसेन का शताब्दी समारोह राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में मनाने का आग्रह किया। मंत्री श्री लोधी ने कहा कि संगीत सम्राट तानसेन के नाम पर शास्त्रीय संगीत का 100 वर्षों से निरन्तर आयोजित होने वाला देश का “एकमात्र समारोह” तानसेन समारोह है। संगीत सम्राट तानसेन के ग्वालियर स्थित समाधि स्थल पर इसका आयोजन किया जाता है। ग्वालियर की सुदीर्घ संगीत परम्परा को देखते हुए ही यूनेस्को ने इसे “सिटी ऑफ म्यूजिक” घोषित किया है। उन्होंने कहा कि संगीत सम्राट तानसेन सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण राष्ट्र के हैं और उनकी ख्याति सारे विश्व में है। साथ ही शास्त्रीय संगीत की ध्रुपद शैली भी सम्पूर्ण विश्व में व्याप्त है। इस दृष्टि से तानसेन शताब्दी समारोह को न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरा राष्ट्र मनाये। मंत्री लोधी ने प्रस्ताव देते हुए कहा कि भारत सरकार की संगीत नाटक अकादमी के माध्यम से पूर्वरंग श्रृंखला के अंतर्गत ‘तानसेन समारोह’ का आयोजन देश के हर राज्य में आयोजित किया जावे, जिसमें मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग सह आयोजक के रुप में सम्मिलित हो सकेगा। इन कार्यक्रमों के अंतर्गत उत्कृष्ट शास्त्रीय संगीत केन्द्रित प्रस्तुतियाँ संयोजित किये जाने का अनुरोध है, जिससे मध्यप्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी तानसेन की ख्याति को विस्तारित किया जा सकेगा। संस्कृति मंत्री श्री लोधी 46वीं “विश्व धरोहर समिति” की बैठक में शामिल होने दिल्ली में मैजूद है। वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी की यह बैठक भारत मंडपम में होगी , जिसमें देश और दुनिया के 3200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।

MP News:मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर शिक्षण संस्थाओं में गुरू पूर्णिमा पर भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर मध्यप्रदेश में गुरू पूर्णिमा को उत्साहपूर्वक मनाने की शुरूआत की गई है। उनके निर्देश के अनुसार सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में गुरूजनों और शिक्षकों का सम्मान किया गया और विद्यार्थियों ने आशीर्वाद लिया। शिक्षकों ने गुरू पूर्णिमा के महत्व एवं पारंपरिक गुरू-शिष्य संस्कृति पर प्रकाश डाला। विद्यालयों में “प्राचीन काल में प्रचलित गुरूकुल व्यवस्था एवं उसका भारतीय संस्कृति पर प्रभाव” विषय पर निबंध लेखन आयोजित किया गया। राज्य शासन द्वारा विश्व विद्यालयों में पूर्व से प्रचलित “कुलपति” नाम को परिवर्तित कर “कुल गुरू” किये जाने के निर्णय से विद्यार्थियों को अवगत करवाया गया। गुरू भविष्य गढ़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि समाज में गुरू का स्थान सर्वप्रथम है। धार्मिक ग्रथों में तो यह भी कहा गया है कि गुरू इसलिए महत्वपूर्ण है, जो हमें सच्चे मार्ग और भगवान की शक्ति का ज्ञान कराते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन स्कूल शिक्षा में शिक्षकों की बेहतरी के लिये लगातार निर्णय ले रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके इसके लिये प्रदेश में पीएम श्री और सीएम राइज स्कूल लगातार खोले जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह नरसिंहपुर जिले के राजमार्ग स्थित रूकमणी देवी पब्लिक स्कूल में आयोजित गुरू पूर्णिमा उत्सव को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है कि वह बच्चों को अच्छे संस्कार दे। जब इन संस्कारों के साथ बच्चे स्कूलों में शिक्षा गृहण करेंगे, तो वे आगे चलकर जिम्मेदार नागरिक के साथ-साथ अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि गुरू की शिक्षा से ही देश और प्रदेश की अनेक प्रतिभाएं सभी क्षेत्रों में उललेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं। प्रत्येक सफल व्यक्ति के पीछे उसके गुरू द्वारा दी गई शिक्षा अनमोल होती है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों, पालकों और छात्रों से सीधा संवाद भी किया। स्कूल शिक्षा मंत्री शनिवार को जिले के गाडरवाड़ा के पीएम श्री स्कूल और नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी में रावतपुरा इंटरनेशनल स्कूल एवं भाऊ साहब भुस्कटे स्मृति लोक न्यास द्वारा संचालित सैनिक स्कूल के गुरू पूर्णिमा समारोह में शामिल हुए। स्कूल शिक्षा मंत्री ने इन शालाओं का कक्षाओं और साइंस लैब का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी के लिये राज्य शासन हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराएगा। समारोह के दौरान छात्रों ने स्कूल शिक्षा मंत्री से लोक रूचि से संबंधित प्रश्न भी पूछे और जवाब दिया गया।  भारतीय ज्ञान की उपलब्धि जो विश्व भर में अनुसरणीय उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शाजापुर जिले के शुजालपुर स्थित शासकीय जेएनएस महाविद्यालय में आयोजित गुरु पूर्णिमा उत्सव में कहा कि शिक्षा के माध्यम से पुरातन से सीखकर नूतन की ओर आगे बढ़ते हुए विश्वमंच पर भारत को सिरमौर बनाना हमारा ध्येय है। इसके लिए भारतीय ज्ञान परम्परा को शिक्षा में पुनर्स्थापित कर आमूलचूल परिवर्तन जारी है। श्री परमार ने कहा कि दुनिया को भारत के ज्ञान पर गर्व है। जो देश अपने ही ज्ञान को समाप्त कर देता है, उसकी पहचान भी स्वतः समाप्त हो जायेगी।  उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारतीय समाज का दृष्टिकोण विज्ञान पर आधारित दृष्टिकोण है। भारत की ज्ञान परम्परा पर पुनः अध्ययन एवं अनुसंधान करने की आवश्यकता है। श्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जब भारतीय परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 को लागू किया, तब से देश भर में भारत की उपलब्धियों और उल्लेखनीय कार्यों पर गर्व का भाव जागृत हुआ है। अपनी भाषा, अपने ज्ञान, अपनी विरासत को पुनर्स्थापित करते हुए विश्वमंच पर विश्वगुरु के रूप में पुनः स्थापित होंगे। श्री परमार ने कहा कि युगानुकुल परिवर्तन करना हमारा व्यापक दृष्टिकोण है। “कण” की परिकल्पना भारतीय ऋषि कणाद ऋषि की अवधारणा थी। उसके बाद आधुनिक युग में अणु और परमाणु का विकास हुआ। विश्व को “शून्य” भारत ने दिया, तब जाकर विश्व में अंक गणना संभव हो सकी। भारत के महान अविष्कारक श्री आर्यभट्ट ने तथ्यों के अनुरूप “पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है” के रूप में प्रमाणित किया। यह हमारे भारतीय ज्ञान की उपलब्धि है, जो विश्व भर में अनुसरणीय है।

MP News:पचमढ़ी मानसून मैराथन-हल्की फुहारों के बीच रनर्स ने लगाई दौड़

नर्मदापुरम जिले के हिल स्टेशन पचमढ़ी में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) के सहयोग से ‘एडवेंचर एंड यू’ (के.ए. कनेक्ट) पचमढ़ी मानसून मैराथन का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। जिला प्रशासन नर्मदापुरम के सहयोग से आयोजित हुई मैराथन में देशभर से 1165 धावकों ने हिस्सा लिया और पचमढ़ी के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर एवं 5 किलोमीटर श्रेणियों में दौड़ लगाई गई। मैराथन दौड़ की शुरुआत एमपीटी ग्लेनव्यू होटल से हुई। 42 किलोमीटर दौड़ सुबह 3 बजे शुरू हुई। शेष तीनों दौड़ सुबह 6 बजे शुरू की गई। जिसे टूरिज्म बोर्ड के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ.श्री संतोष कुमार श्रीवास्तव, डिप्टी डायरेक्टर श्री वीरेंद्र खंडेलवाल ने फ्लैगऑफ की। दौड़ में छः वर्ष के बच्चे से लेकर 82 वर्ष के बुजुर्ग ने हिस्सा लिया। नर्मदापुर की पूर्व कलेक्टर श्रीमती दास भी 21 किमी दौड़ में शामिल हुई। विजेताओं को ट्रॉफी एवं मैडल समापन के बाद एक समारोह में अतिथियों द्वारा विजेताओं को ट्रॉफी व मेडल दिए। मानसून मैराथन में देशभर से लोग शामिल हुए और सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी में प्राकर्तिक सौंदर्य का आनंद लिया। 82 वर्ष के बुजुर्ग श्री मोहन लाल यादव, गोंदिया महाराष्ट्र को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री ए.यू. खान, सहायक संचालक श्री के.के. सिंह, केए कनेक्ट से मितेश रामभिया भी विशेष रूप से मौजूद थे। विजेताओं की सूची 42 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता अंकित शर्मा। 42 किलोमीटर (महिला) में प्रथम विजेता प्रेम लता गुप्ता। 21 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता मोहित कोरे। 21 किलोमीटर (महिला) में प्रथम विजेता निधि तरारे। 10 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता विशाल कौशल। 10 किलोमीटर (महिला) में प्रथम विजेता रीता तरारे। 5 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता अमित प्रजापती। 5 किलोमीटर (महिला) में जयश्री भूरे प्रथम विजेता रही।

MP News:भारतीय संस्कृति में गुरूजनों का स्थान सर्वोच्च- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में गुरुजनों का स्थान सर्वोच्च है। गुरू शिक्षा के साथ ही ज्ञान का प्रसार भी करते हैं। वे अपने शिष्यों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरुजनों का सम्मान भारतीय परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुरुजनों के सम्मान के लिए अब प्रदेश में हर वर्ष सभी स्कूल और कॉलेजों में गुरूपूर्णिमा का महापर्व मनाया जाएगा। विद्यार्थियों को गुरुओं की महत्ता बताई जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस आयोजन से जुड़े और गुरुओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में आयोजित गुरू पूर्णिमा के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाभारत के अनेक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए गुरू शिष्य परम्पराओं का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि गुरू शिक्षा के साथ ज्ञान भी देते हैं। वे अन्याय एवं अधर्म से लड़ना सिखातें हैं। जीवन जीने की कला सिखाते और शिक्षा एवं ज्ञान का दान करते हैं। इस कार्य में वे अपने कष्टों को भी बाधा नहीं बनने देते हैं। गुरू का साथ मिलते ही शिष्य के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और वह सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त करने लगता है। उन्होंने कहा कि गुरू-परम्परा समुचित मानवता को धन्य करने की परम्परा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य सांदीपनि का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुजन राष्ट्रवादी सोच का प्रवाह अपने शिष्यों में करते हैं। आचार्य सांदीपनि इसका बेहतर उदाहरण है। आचार्य सांदीपनि ने अपने ज्ञान से राष्ट्र निर्माण और अपने राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव सिखाया है। गुरुओं का महत्व सबके के सामने आना चाहिए। इसके लिये हमने प्रदेश में हर वर्ष स्कूल और कॉलेजों में गुरू पूर्णिमा का महापर्व पूर्ण आस्था और श्रद्धा के साथ मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भारत देश को अपने ज्ञान के आधार पर ही विश्व गुरु का दर्जा मिला है। महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरू श्री मिथिला प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि गुरुओं का जीवन में अक्षुण्ण महत्व है। गुरू अंतस के अंधकार को भी मिटाता है। गुरू अपना सब कुछ शिष्य को दे देता है। गुरू शिष्य में प्रतिबिंबित होते हैं। गुरू ज्ञान के साथ ही संस्कार एवं जीवन मूल्य भी सिखाते हैं। गुरुओं के महत्व को बताने के लिये राज्य शासन द्वारा हर वर्ष गुरू पूर्णिमा का महापर्व मनाये जाने का निर्णय सराहनीय है। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री के.सी. गुप्ता ने भारतीय परंपरा में गुरु शिष्य के संबंधों की महत्ता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के प्रारंभ में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. रेणु जैन ने स्वागत भाषण दिया। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलगुरूओं एवं शिक्षक गणों का सम्मान भी किया गया। साथ ही गुरू पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय गणित पर लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में उन्होंने मोढ़ी लिपि को देवनागरी लिपि में परिवर्तित करने, सॉफ्टवेयर तैयार करने वाली बालिका अंशिका जैन का सम्मान भी किया। गुरुजनों के बीच पहुंचे और पुष्प वर्षा कर सम्मान किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज गुरू पूर्णिमा के अवसर पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। डॉ. यादव मंच से उतरकर गुरुजनों के बीच पहुंचे। उन्होंने सभागृह में मौजूद पूर्व कुलगुरूओं एवं शिक्षकों का पुष्प वर्षा कर सम्मान किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री मधु वर्मा तथा श्री गोलू शुक्ला, संभागायुक्त श्री दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री आशीष सिंह, श्री गौरव रणदिवे भी मौजूद थे।

CG News:मुख्यमंत्री ने पंगत में बैठकर भंडारा प्रसाद ग्रहण किया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय में गुरु के दर्शन के पश्चात गुरु दर्शन के लिए आए सारे लोगों के बीच पंगत में बैठकर भंडारा प्रसाद ग्रहण किया । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, स्थानीय  जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों ने भी भंडारा प्रसाद ग्रहण किया।

CG News:मुख्यमंत्री गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने गुरु पीठ आश्रम के उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने आश्रम में अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन भी किए और मार्गदर्शन लिए। इसके साथ ही इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने परिसर में करंज का पौधा , वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने नीम का पौधा तथा पूर्व विधायक श्री  विजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी पौधरोपण किया गया। आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला के रूप में अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय बनोरा का नाम विख्यात है। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री कार्तिकेय गोयल सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ में अघोर पंथ का बीजारोपण करने वाले पूज्य अघोरेश्वर के शिष्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के कर कमलों से तीन दशक पहले रायगढ़ के पूर्वांचल स्थित ग्राम बनोरा में इस ट्रस्ट की नींव रखी गई तब से लेकर आज तक यह ट्रस्ट राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों को बढ़ावा देने के लिए अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा की स्थापना तीन दशक पहले की गई। अघोरेश्वर महाप्रभु ने समाज के विकास की अवधारणाओं का सूत्रपात किया लेकिन इस दिशा में बहुत से अधूरे कार्यों को पूरा करने अघोरेश्वर अवधूत  भगवान राम जी के प्रियतम शिष्य बाबा प्रियदर्शी राम जी ने बनोरा से जुड़ी अन्य शाखाओं का शिवरीनारायण, डभरा, चिरमिरी, अंबिकापुर सहित अन्य प्रांतों में भी विस्तार किया। बनोरा से जुड़ी सभी शाखाओं में मानव सेवी गतिविधियां निरंतर संचालित हो रही हैं। बनोरा ट्रस्ट से जुड़ी सभी शाखाएं आसपास क्षेत्र के मौजूद जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को जीवन की मूलभूत आवश्यकता शिक्षा, चिकित्सा या आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा देकर समाज कल्याण के लिए क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही है।