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INDIAN ARMY PREPARES FOR LANDFALL OF ‘BIPARJOY’

New Delhi | In consonance with its firm resolve to mitigate the hardships felt by the populace during times of natural disaster, the Indian Army prepared itself to provide succour to the locals post the landfall of the fierce cyclone Biparjoy in Gujarat.

The flood relief columns have been rehearsed and kept ready at Bhuj, Jamnagar, Gandhidham, Dharangdhra, Vadodara and Gandhinagar as well as at forward locations at Naliya, Dwarka and Amreli.

The Army authorities have also jointly planned the relief operations with civil administration as well as NDRF. The interaction has given all agencies involved in Disaster Management a platform to share their best practices and gain from each other. Representatives of Indian Army also attended the meeting chaired by the Chief Minister and pledged total support during the time of crisis.

The resources have also been made available from neighbouring Rajasthan as well to ensure minimization of any loss due to the gusty winds and heavy rainfall.

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Jharkhand News:संथाल परगना में आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में: बाबूलाल मरांडी

रांची।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आज पाकुड़ में राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा। श्री मरांडी ने कहा कि ठगबंधन सरकार की तुष्टिकरण नीति में घुसपैठियों को संरक्षण प्राप्त है। आदिवासी आबादी खतरे में है। ऐसा लगता है कुछ दिनो में अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा।उन्होंने 1951से लेकर 2011तक हुए जनगणना रिपोर्ट को रखते हुए कहा कि यह भारत सरकार का सेंसस रिपोर्ट है जो नरेंद्र मोदी जी को देश की सत्ता में आने से पहले का है।उन्होंने कहा कि आज जनसंख्या दिवस है और आंकड़े बताते हैं कैसे संथाल परगना में आदिवासियों की आबादी लगातार घट रही और मुस्लिम आबादी अप्रत्याशित ढंग से घट रही। उन्होंने कहा कि 1951में संथाल परगना में आदिवासी आबादी 44.67%थी ,मुस्लिम आबादी 9.44%थी और सामान्य आबादी 45.91%थी। आज 2011की जनगणना रिपोर्ट को देखें तो मुस्लिम आबादी में ढाई गुना वृद्धि के साथ 22.73%हो गई जबकि आदिवासियों की आबादी 44.67%से घटकर 28.11%हो गई। यही पर सामान्य आबादी 45.9%से 49.2%तक ही बढ़ी। उन्हों ने कहा कि स्पष्ट है कि संथाल परगना में आदिवासियों की आबादी को लव जिहाद, लैंड जिहाद के नाम पर सुनियोजित तरीके से घटाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि साहेबगंज और पाकुड़ की स्थिति तो भयावह है। एक विधानसभा क्षेत्र में 50हजार मतदाता बढ़ गए।लगभग 123%की वृद्धि हुई।आखिर यह अप्रत्याशित वृद्धि कैसे हुई।उन्होंने कहा कि भाजपा वोट बैंक की राजनीति नहीं करती ।भाजपा देश केलिए राजनीति करती है। राष्ट्र प्रथम के संकल्प के साथ हम काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जब जनसंघ का गठन हुआ था उसी समय से हम धारा 370का विरोध करते थे भले हमारी राजनीतिक ताकत कम थी। लेकिन देश के मुद्दों पर कभी समझौता नही किया।उन्होंने कहा कि घुसपैठिए भी देश के विरोधी हैं। अनेक देशों ने घुसपैठियों को बाहर किया है।पाकिस्तान ने भी अफगानिस्तानियो को बाहर किया है भले वे मुस्लिम ही क्यों न हों। उन्होंने कहा कि राज्य में घुसपैठ की समस्या को माननीय उच्च न्यायालय ने भी गंभीर माना है।सभी जिला के उपायुक्तों को इस दिशा में कारवाई के निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तुष्टिकरण छोड़ घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कारवाई करे।उनका संरक्षण बंद करे।

Jharkhand News:जिला स्कूल में चलाया गया उपभोक्ता जागरूकता अभियान

चाईबासा।जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग पश्चिम सिंहभूम चाईबासा के सदस्य श्री राजीव कुमार एवं सह कर्मचारियों के द्वारा जिला स्कूल चाईबासा में उपभोक्ता जागरूकता अभियान चलाया गया | स्कूल की प्रचार्या रश्मि आल्डा,स्कूल प्रबंधक तथा अन्य शिक्षकों के सहयोग से बच्चों ने उपभोक्ता संबंधी सेवा में कमी, धोखाधड़ी, ठगी आदि विषयों पर बड़े ध्यान से आयोग के सदस्य तथा कर्मचारियों की बातों को सुना l बच्चों ने उपभोक्ताओं के अधिकार से संबंधित कई प्रश्न भी किये जिनका जवाब आयोग के सदस्य ने बहुत अच्छे ढंग से दिया | उपभोक्ता न्यायालय में बीमा, डाक घर, चिकित्सा, चिटफंड, विद्युत , शिक्षा, ई-कॉमर्स, ऑनलाइन खरीदारी, हवाई यात्रा, मनोरंजन, रियल स्टेट, होटल, टैक्सी, जल, ऊर्जा आदि पर हुए धोखाधड़ी या सेवा में कमी से संबंधित वादों का निष्पादन किया जाता है। आयोग के सदस्य ने यह भी जानकारी दी है कि वर्ष 2023 से केस ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे दर्ज करा सकते है | तथा ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित भी हो सकते है |

Jharkhand News:भाजपा की विजय संकल्प सभा मझगाँव में 16 जुलाई को:गीता कोड़ा

भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्य्क्ष संजय पांडे की अध्य्क्षता में आज मझगाँव विधानसभा स्तरीय अभिनंदन सह बिजय संकल्प सभा के लिए तैयारी बैठक कुमारडूंगी में हुई।बैठक में अभिनंदन सह बिजय संकल्प सभा के कोल्हान प्रभारी पूर्व सांसद गीता कोड़ा,पूर्व मंत्री सह प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई शामिल हुए,जिसमे तय हुआ कि 16 जुलाई को कुमारडूंगी के वन विश्रामागर में सभा होगी।जिसके लिए कार्यक्रम प्रभारी जिला परिसद सदस्य लंकेश्वर तामसोय और सह प्रभारी महेंद्र गोप को मझगाँव विधान सभा अन्तर्गत तान्तनगर,कुमारडूंगी,मंझारी,मझगाँव और हाटगम्हरिया मंडल के सभी 267 बूथों के बूथ कमिटी और मंडल के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को लाने की जिम्मेवारी दी गई।गीता कोड़ा ने कहा कि प्रत्येक मंडल के 7 बूथों में बढ़त लिए बूथ अध्य्क्ष के साथ समिति को सम्मानित किया जाना है।बड़कुंवर गागराई ने बताया कि उक्त सभा में लगभग 1000 कार्यकर्ता पूरी तैयारी से पूरे स्थानीय पारंपरिक वेश भूषा में सभी बूथों से आएंगे।बैठक में केंद्रीय और प्रदेश स्तरीय वरीय नेता गण शिरकत कर सकतें हैं।बैठक में पूर्व प्रत्याशी भूषण पाट पिंगुवा,जिला उपाध्यक्ष राकेश बबलू शर्मा,जिला महामंत्री जगदीश पाट पिंगुवा,वरीय कार्यकर्ता वशिष्ठ प्रधान,मंडल अध्य्क्ष गुरुचरण बांकिरा,नारायण हेम्ब्रम,सुकलाल चातर,अशोक पिंगुवा और अभिजीत गागराई,विनय दास,विजय पिंगुवा,रामचंद्र गोप के अलावे कई कायकर्ता उपस्तिथ रहे।

Jharkhand News:हौसले को नया उड़ान,तीसरी पास बिजली मिस्त्री की पत्नी ने पीएचडी कर रचा इतिहास

दुमका।अगर मन में लगन और दृढ़ संकल्प हो तो इंसान क्या नहीं कर सकता है।उपराजधानी दुमका के श्रीराम पाड़ा की रहनेवाली नाज परवीन ने साबित कर दिया है कि पंख से नहीं बल्कि हौसलों से उड़ान होती है। उसके पति प्राइवेट बिजली मिस्त्री और वह स्वयं एसपी कॉलेज दुमका में दैनिक वेतन भोगी चतुर्थवर्गीय कर्मचारी है। एक छोटे से घर में रहनेवाली नाज ने जब बड़ा सपना देखा तो उसमें उसके पति ने भी उसका खुब साथ दिया।वह पढ़ना चाहती थी तो उसे पीजी तक की पढ़ाई की खुली छूट दी। एक समय ऐसा भी आया जब उसने हालातबस पोषण सखी पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन पति ने उसे आगे की पढ़ाई करने की सलाह दी। पति की आशाओं पर खरा उतरते हुए नाज परवीन ने 2017 में जहां नेट 2017 की परीक्षा में सफलता हासिल की थी वहीं अब उसने पीएचडी की डिग्री हासिल कर ली है।उसका विषय है ‘‘भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में झारखंड क्षेत्र की महिलाओं का योगदान’’. उनके गाइड रहे हैं एसपी कॉलेज के इतिहास विभाग के शिक्षक डॉ संजीव कुमार, नाज फिलहाल एसकेएमयू में दैनिक वेतन भत्ते पर एक कर्मचारी के रूप में काम कर रही हैं,लेकिन उसका सपना है कि वह प्रोफेसर के रूप में कॉलेज के छात्र छात्राओं को पढ़ाएं। नाज के पति दुमका शहर के श्रीरामपाड़ा निवासी मो. सलाम उर्फ लीली मिस्त्री अपने जानने वालों को अपनी पत्नी के उस पीएचडी सर्टिफिकेट को दिखाते हैं, जिसे दुमका के सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने जारी किया है। इस सर्टिफिकेट में लिली के लिए खुशी और मलाल दोनों का समिश्रण है, क्योंकि वह अंग्रेजी में दिए गए अपनी पत्नी के इस सर्टिफिकेट को पढ़ नहीं सकता। लिली ने सिर्फ तीसरी कक्षा तक ही शिक्षा प्राप्त की है।लिली एक बिजली मिस्त्री हैं, जो जनरेटर, मोटर, पंखा, पंपसेट आदि की मरम्मत कर अपने परिवार चलाते हैं।लिली कहते हैं कि 25 साल पहले जब उनकी शादी नाज परवीन से हुई थी तब वह कक्षा नौ तक पढ़ी थी। फिर हम लोगों से यह तय किया कि पत्नी को उच्च शिक्षा दिलानी है। नाज परवीन ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और लिली ने घर की जरूरतों के साथ अपनी पत्नी को आगे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। नाज ने माध्यमिक स्तर की शिक्षा शिकारीपाड़ा के सरकारी स्कूल से पूरा की है। नाज ने कहा कि गरीबी के बावजूद उसने ठान लिया है कि उसे आगे पढ़ाई करना है और दुनिया को कुछ बन कर दिखाना है। एसपी कॉलेज दुमका से वर्ष 2012-13 में इतिहास विषय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2017 में उसने नेट क्वालिफाई किया और फिर पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया।अब वह डॉक्टर नाज परवीन बन गयी है। डॉ नाज परवीन की कहानी प्रेरणा स्रोत है वैसे छात्रों के लिए जो आर्थिक तंगी को पढ़ाई में बाधक मानते हैं। डॉ नाज ने साबित किया है कि अगर दिल मे लगन हो तो लाख मुसीबतों का बाबजूद सफलता आपके कदम जरूर चूमेगी।तभी तो आज डॉ नाज पर सभी नाज कर रहे हैं।दुमका में आम लोगो में इस बात की चर्चा हो रही है।वास्तव में नाज प्रवीन ने पीएचडी की डिग्री प्राप्त कर इतिहास रचने का काम किया है।वह दुमका के लोगो के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई है।

Uttrakhand News:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेला नियंत्रण कक्ष हरिद्वार में कावड़ मेला 2024 की तैयारियों को लेकर समीक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मेला नियंत्रण कक्ष हरिद्वार में कावड़ मेला 2024 की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कांवड़ मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कांवड़ के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। स्थानीय लोगों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेला हर वर्ष आयोजित होता है, इसके दृष्टिगत स्थायी प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। दीर्घकालीन विकास की कार्य योजनाओं को कार्य संस्कृति में लाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा की शिव भक्त कावड़ियों के स्वागत में हेली से पुष्प वर्षा की व्यवस्था की जाए। कावड़ यात्रा के दौरान आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन तैयार रहे। कावड़ यात्रा में संपूर्ण मार्ग पर पुलिस बलों की तैनाती के साथ विभिन्न स्थानों पर अस्थाई पुलिस चैकी का निर्माण कार्य भी कराया जाए एवं अतिरिक्त पुलिस फोर्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन एवं सीसीटीवी कैमरों से भी नियमित निगरानी रखे जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। बाईपास और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी साइन बोर्ड के माध्यम से कावड़ियों को दी जाए। उन्होंने कांवड़ को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए निरन्तर पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कावड़ यात्रा से पहले कावड़ पटरी के सौंदर्यीकरण एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करवाई जाए। कावड़ यात्रा मार्ग पर शौचालयों, स्नान घरों, स्वच्छ पेयजल, यात्री शेड, लाईट, मेडिकल सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कावड़ियों की यात्रा और सुगम सरल हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। यात्रा मार्ग एवं हरिद्वार क्षेत्र में स्थित होटलों ढाबों में भोजन की गुणवत्ता हेतु गुणवत्ता चेकिंग अभियान नियमित चलाया जाए, होटलों और ढाबों में रेट लिस्ट लगाये जाए। कावड़ यात्रा के दौरान साफसफाई का विशेष ध्यान दिया जाए, सफाई का कार्य 24 घंटे संचालित रहे। यह सुनिश्चित किया जाए कि मेला क्षेत्र में किसी तरह का अतिक्रमण न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों को आवाजाही में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े, सड़कों पर यातायात प्रभावित न हो, यातायात प्रबंधन के लिये बेहतर रूट प्लान बनाया जाए। उन्होंने हरिद्वार क्षेत्र में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। अन्य राज्यों से परस्पर समन्वय बनाकर कॉमन डायवर्जन प्लान बनाने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा वाटर एंबुलेंस की व्यवस्था भी कावड़ यात्रा के दौरान की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कावड़ यात्रा में भी विशेष वेरिफिकेशन ड्राइव चलाए जाए। ताकि पहचान छुपा कर आने वाले लोगों पर सख्ती से कार्यवाही अमल में लाई जा सके। विभिन्न कार्यों के सुपरविजन हेतु विशेष मजिस्ट्रेट की नियुक्तियां भी की जाए। जिलाधिकारी श्री धीराज सिंह गब्र्याल ने बताया कि कावड़ मेला अवधि 22 जुलाई से 2 अगस्त तक है। इस वर्ष 5.5 करोड़ कावड़ियों के हरिद्वार आने की संभावना है। कांवड यात्रा के सुचारू संचालन हेतु कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जो 24 घण्टे संचालित होगा। यात्रा के सुचारू संचालन हेतु 14 सुपर जोन, 36 जोन एवं 130 सेक्टर बनाये गये हैं। मेले के लिए 5 नोडल अधिकारियों को नामित किए गए हैं। कांवड पटरी एवं प्रमुख मार्गों को यात्रा हेतु सुगम एवं सुविधाजनक बनाया गया है। स्वास्थ्य शिविर, मोबाईल मेडिकल टीम एवं एम्बुलेंस की सुविधा भी बढ़ाई जा रही है। बैठक के दौरान श्री गंगा सभा, विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों ने बीते वर्ष सफल कावड़ यात्रा हेतु मुख्यमंत्री का आभार जताया एवं कावड़ मेला 2024 के लिए अपने सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। जिस पर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन एवं विभिन्न संगठनों, एनजीओ एवं स्थानीय जनता के सहयोग से यात्रा को सफल बनाने का आग्रह किया। साथ ही वर्चुअल माध्यम से जुड़े जिलाधिकारी देहरादून, रूद्रप्रयाग और पौड़ी ने जिले स्तर पर की गई तैयारी के संबंध में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चैधरी, विधायक श्री आदेश चैहान, श्री प्रदीप बत्रा, श्रीमती ममता राकेश, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, श्री एल.फैनई, डीजीपी श्री अभिनव कुमार, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री नितेश कुमार झा, श्री सचिन कुर्वे, श्री विनोद कुमार सुमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, कमिश्नर गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डेय, एडीजी श्री ए.पी. अंशुमान, आई.जी गढ़वाल श्री के.एस नगन्याल, अपर सचिव श्री रणवीर सिंह चैहान, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, एसएसपी. हरिद्वार श्री प्रमेन्द्र डोभाल एवं जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग

Uttrakhand News:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सैन्य धाम निर्माण के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की।

सैन्य धाम निर्माण के संबंध में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक। मुख्यमंत्री ने 15 अक्टूबर तक सैन्य धाम का निर्माण पूर्ण करने के दिए निर्देश। शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाये जाने के दिए निर्देश। कठुआ जम्मू कश्मीर में शहीद प्रदेश के वीर शहीदों के आश्रितों को शीघ्र किया जाए सेवायोजित। पांचों शहीदों के गांवों के आसपास सड़क व स्कूलों के नाम इन वीर शहीदों के नाम पर रखे जाने का बनाया जाए प्रस्ताव। सैन्य धाम के निर्माण के पश्चात एम.डी.डी.ए. करेगा उसका रखरखाव व संचालन। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सैन्य धाम के निर्माण में हो रही देरी को असन्तोषजनक बताते हुए 15 अक्टूबर तक इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिये है। उन्होंने इसके लिये आगणित 94 करोड़ की धनराशि के अन्तर्गत ही निर्माण कार्य सम्पन्न कराने के भी निर्देश दिये है। सैन्य धाम के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता में भी किसी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश कार्यदायी संस्था एवं अभियन्ताओं को उन्होंने दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सैन्य धाम निर्माण के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस कार्य मे अब और अधिक विलम्ब न हो इसके लिये सैनिक कल्याण मंत्री को सैन्य धाम के निर्माण कार्यों का निरन्तर अनुश्रवण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाये जाने का प्रस्ताव बनाये जाने को भी कहा। कठुआ, जम्मू कश्मीर में शहीद प्रदेश के पांचों वीर शहीदों के आश्रितों सहित इस तरह के समस्त मामलों में सरकारी सेवा में सेवायोजित करने की कार्यवाही तत्काल करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने इस तरह के प्रकरणों में भविष्य में ऐसी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये कि सरकारी सेवा में सेवायोजित करने का कार्य बिना विलंब के किया जाये तथा इसके लिये समय सीमा तय कर दी जाये। पांचों शहीदों के गांवों के आसपास सड़क व स्कूलों के नाम इन वीर शहीदों के नाम पर रखे जाने की भी शीघ्र कार्यवाही अमल में लाये जाने को कहा। उन्होंने सैन्य धाम के निर्माण के पश्चात एम.डी.डी.ए. को उसके रखरखाव व संचालन की जिम्मेदारी दिये जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने सैन्य धाम के निर्माण में आ रहे भूमि विवाद के समाधान हेतु जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। सैन्य धाम सैनिकों के सम्मान तथा राज्य की समृद्ध सैन्य परंपरा का भी प्रतीक है। यह हमारे युवाओं का भी प्रेरणा स्थल बनेगा। बैठक में सैन्य धाम के 500 मी. की परिधि में निर्माण कार्य प्रतिबन्धित किये जाने संबंधी जारी आदेश को निरस्त किये जाने तथा इस व्यवस्था को युक्ति संगत बनाये जाने पर भी निर्णय लिया गया। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द वर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के.सुधांशू, प्रमुख सचिव न्याय श्री प्रदीप पंत, सचिव सैनिक कल्याण श्री दीपेन्द्र चैधरी, जिलाधिकारी देहरादून श्रीमती सोनिका, एम.डी. पेयजल निगम श्री रणवीर सिंह चैहान, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए. श्री बंशीधर तिवारी, जेओसी सब एरिया मे.ज. आर.प्रेम राज, एम.डी. उपनल ब्रिगेडियर (से.नि.) जे.एन.एस. विष्ट,, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ब्रिगेडियर (से.नि.) अमृतलाल सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग