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प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का बिछा जाल, 14 शहरों में दौड़ रहीं 583 इलेक्ट्रिक बसें

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के नागरिकों को प्रदूषण रहित और सुविधाओं से लैस पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए गंतव्य तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने बड़ी तैयारी की है। 2020 में इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए इलेक्ट्रिक बस की संकल्पना को मूर्त रूप दिया गया था और देखते ही देखते 2 साल में यह 14 बड़े शहरों में लागू हो चुकी है। इन शहरों में शुरुआत में कुल 700 बसों की फ्लीट चलाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 2 लॉट में कुल 614 बसों की डिलीवरी हो चुकी है। वहीं, 583 बसों का संचालन भी हो रहा है। जल्द ही 86 बसें भी डिलीवर हो जाएंगी, जिसके बाद इन शहरों में पूरी फ्लीट कंप्लीट हो जाएगी। वहीं, जिन शहरों में अभी इलेक्ट्रिक बसों की शुरूआत नहीं हो सकी है, वहां भी इसकी संभावनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। गौरतलब है कि इन बसों के जरिए प्रदेश के नागरिक तुलनात्मक रूप से कम किराए में वातानुकूलित बसों में आरामदायक सफर तय कर रहे हैं। वहीं, पर्यावरण को भी डीजल-पेट्रोल बसों के खतरनाक धुएं से निजात मिल रही है।

आगरा, लखनऊ और कानपुर में सबसे बड़ी फ्लीट
प्रदेश में सबसे ज्यादा आगरा, लखनऊ और कानपुर में बसों की फ्लीट दौड़ रही है। इन शहरों में 100-100 बसें चलाने का लक्ष्य है, जिसमें से आगरा में 76, लखनऊ में 100 और कानपुर में 82 बसें संचालित हो रही हैं। लखनऊ और कानपुर में सभी 100 बसों की डिलीवरी की जा चुकी है तो आगरा में 89 बसों की डिलीवरी हो चुकी है। अन्य शहरों की बात करें तो मथुरा-वृंदावन, वाराणसी और प्रयागराज में 50-50 बसों की फ्लीट संचालित हो रही है। वहीं, गाजियाबाद और मेरठ में 30-30, अलीगढ़, गोरखपुर और झांसी में 25-25 व बरेली, मुरादाबाद और शाहजहांपुर में 10 बसों की फ्लीट दौड़ रही है। कुल मिलाकर प्रदेश के 14 शहरों में 583 बसें संचालित हो रही हैं, जबकि कुल 614 बसों की डिलीवरी पूरी हो चुकी है।

– आगरा, लखनऊ और कानपुर में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें हो रहीं संचालित

-जल्द ही इन सभी 14 शहरों में पूरी हो जाएगी 700 इलेक्ट्रिक बसों की फ्लीट

– 966 करोड़ की लागत से शुरू हुई योजना, सरकार की ओर से दी जा रही 315 करोड़ रुपए की सब्सिडी

315 करोड़ की दी गई सब्सिडी
बीते दिनों मुख्य सचिव डीएस मिश्रा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जुड़ा प्रस्तुतिकरण किया गया। इसके मुताबिक, 11 मार्च 2020 को बस ऑपरेटर एग्रीमेंट के तहत यूपी में इलेक्ट्रिक बसों को चलाने का फैसला लिया गया था। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल कॉस्ट 966 करोड़ है जिसमे 315 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की गई है। इसमें भारत सरकार की ओर से 270 करोड़ तो यूपी सरकार की ओर से 45 करोड़ रुपए की सब्सिडी शामिल है। यह पूरा प्रोजेक्ट फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक एंड हाईब्रिड व्हीकल्स इन इंडिया (फेम-2) के तहत शुरू किया गया है। फेम-1 की शुरुआत 2010 में हुई थी जब जेएनएनयूआरएम के तहत सिटी बस सर्विस की जिम्मेदारी यूपीएसआरटीसी को दी गई। इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 1140 बसों की फ्लीट को सड़क पर उतारा गया था। हालांकि, इसमें इलेक्ट्रिक बसें महज 40 ही थीं, जिन्हें 2018 में सबसे पहले लखनऊ में उतारा गया। यह प्रोजेक्ट सिर्फ 7 शहरों के लिए था, जिसमे कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, आगरा और मथुरा शामिल थे। फेम-2 में इस योजना को विस्तार दिया गया है और सिर्फ इलेक्ट्रिक बसों को ही प्राथमिकता दी गई।

फेम-2 में जोड़े गए 7 शहर
फेम-1 में जहां सिर्फ 7 शहरों को शामिल किया गया था तो फेम-2 में 7 अन्य शहरों को भी इसमें जोड़ दिया गया। इसके तहत जो 700 इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित की गई थीं, उनमें से 600 को फेम-2 के तहत सैंक्शन किया गया तो 100 बसें उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सैंक्शन हुई। प्रदेश सरकार की ओर से सैंक्शन बसों को मथुरा-वृंदावन, शाहजहांपुर और गोरखपुर में संचालित किया जा रहा है।

सुरक्षित हो रही आबो-हवा
भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में इलेक्ट्रिक बसों का प्रचलन बढ़ रहा है। भारत ने 2070 में शून्य उत्सर्जन को हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और बिक्री को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां लागू की जा रही हैं। इसी के अनुरूप प्रदेश सरकार ने सिटी ट्रांसपोर्ट के रूप में इलेक्ट्रिक बसों को तरजीह दी है। इससे न सिर्फ शहरों की आबो-हवा दुरुस्त होगी, बल्कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए डीजल-पेट्रोल की निर्भरता भी कम होगी। साथ ही, लोगों को भी आरामदायक और वातानुकूलित बसों में कम पैसों में सफर का आनंद मिलेगा।

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MP:विकसित मध्यप्रदेश के लिए टीम भावना के साथ कार्य करें : मुख्य सचिव श्री जैन

नवागत मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने पदभार ग्रहण करने के साथ गुरूवार को मंत्रालय में विकसित मध्यप्रदेश के रोडमैप को लेकर अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव एवं सचिवों के साथ पहली बैठक की। मुख्य सचिव श्री जैन ने बैठक में सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने की अपेक्षा की। मुख्य सचिव श्री जैन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य की आय बढ़ाने के लिए अन्य साधन एवं स्त्रोत भी तलाशें। श्री जैन ने अधिकारियों को अद्यतन तकनीकी एवं अपने सेक्टर में हो रहे नवाचारों से निरंतर अवगत रहने की जरूरत बतायी। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से प्रदेश में केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं और समाधान के उपायों को लेकर भी चर्चा की। श्री जैन ने कहा कि प्रदेश में योजना बनाने के पूर्व विस्तृत विचार-विमर्श किया जाये तथा शासन से निर्णय हो जाने पर उसका क्रियान्वयन बेहतर तरीके से किया जाये जिससे अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकें। मुख्य सचिव श्री जैन ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के विकास के लिए भारत सरकार के विभागीय अधिकारियों से सतत् संपर्क एवं समन्वय कर योजनाओं को आगे बढ़ाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपने-अपने विभागों का डाटा-बेस बनाने को कहा जिससे इसका मास्टर डाटाबेस बनाया जा सके। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मोहम्मद सुलेमान ने उद्यानिकी फसलों में प्र-संस्करण की पॉलिसी बनाने के संबंध में सुझाव दिये। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग की योजनाओं एवं क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव श्री मलय श्रीवास्तव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास अंतर्गत गौशाला, ग्राम रोजगार सहायक की राशि, अपर मुख्य सचिव श्री एस.एन. मिश्रा ने गृह, जेल, परिवहन विभाग अंतर्गत डायल 100, पुलिस बैंड, लाउडस्पीकर नियंत्रण, जघन्य अपराधों की फोरेंसिक जांच, मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह अधिनियम, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने दो टाइगर रिजर्व एवं नए सेंचुरी पार्क, टाइगर मेनेजमेंट, अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने विज्ञान प्रौद्योगिकी अंतर्गत डाटा सेंटर बनाने, सिंहस्थ 2028 की तैयारी, विभागीय कार्य आंवटन नियमों में परिवर्तन, प्रमुख सचिव श्री नीरज मण्डलोई ने पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, भोपाल-इंदौर मैट्रो, आत्मनिर्भर निकाय बनाने, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा विभाग एवं उद्यानिकी श्री अनुपम राजन ने पीएम उषा, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, प्रमुख सचिव श्री शिवशेखर शुक्ला ने पर्यटन विभाग अंतर्गत राम वन गमन पथ,  श्री कृष्ण पाथेय, प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र सिंह ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला ने जिला विकास पुस्तिका, डॉ. संजय गोयल ने शिक्षा विभाग अंतर्गत स्कूल यूनिफार्म, साइकिल, लैपटॉप, स्कूटी वितरण के बारे में जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री के.सी.गुप्ता, श्रीमती स्मिता भारद्वाज, श्रीमती रश्मी अरूण शमी, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, श्री अमित राठौर, श्री गुलशन बामरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ के कृष्णा घाट सम्पर्कता एवं गायघाट में अप रैंम्प सम्पर्कता का किया लोकार्पण

  पटना, डेस्क। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज आशोक राजपथ के पास कार्यक्रम स्थल से जे०पी० गंगा पथ के कृष्णा घाट सम्पर्कता का फीता काटकर लोकार्पण किया तथा गायघाट में आयोजित कार्यक्रम स्थल से जे०पी० गंगा पथ के गायघाट अप रैम्प सम्पर्कता का फीता काटकर लोकार्पण किया। इससे अशोक राजपथ पर लगनेवाले जाम में कमी आयेगी। गाड़ियां अब कृष्णा घाट लिंक पथ से जे०पी० गंगा पथ का उपयोग कर सकेंगी साथ ही गायघाट में भी अप रैंप बनने से लोगों को जे०पी० गंगा पथ पर आवागमन में सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री ने जे०पी० गंगा पथ से लौटने के क्रम में गांधी घाट पर रूककर गंगा नदी के घटते जलस्तर का जायजा लिया।   इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने पटना सिटी में नवनिर्मित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के भवन का फीता काटकर एवं शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने सात निश्चय-2 के अन्तर्गत कुल 87 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के अन्तर्गत भवन निर्माण हेतु 408.75 करोड़ रूपये की योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के भवन का उद्घाटन करने के पश्चात् प्रशासनिक भवन, मेकेनिकल वर्कशॉप, टेक्निकल वर्कशॉप में जाकर वहां की कार्य पद्धतियों एवं व्यवस्थाओं की शिक्षकों एवं छात्रों से जानकारी ली। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री सह पथ निर्माण मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष श्री नन्द किशोर यादव, जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री श्री जयंत राज, विधान पार्षद श्री रविन्द्र प्रसाद सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, भवन निर्माण विभाग के सचिव सह मुख्यमंत्री के सचिव श्री कुमार रवि, श्रम संसाधन विभाग के सचिव श्री दीपक आनंद, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राजीव मिश्रा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

UP:शह और मात पर मुख्यमंत्री ने लिटिल चैम्प से खूब की बात

गोरखपुर: खेल और खिलाड़ियों के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लगाव जग जाहिर है। और, जब बात खेल की नन्ही प्रतिभाओं की हो तो फिर कहना ही क्या। गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री में देश के सबसे कम उम्र के फीडे (विश्व शतरंज महासंघ) रेटेड खिलाड़ी, गोरखपुर निवासी कुशाग्र अग्रवाल के साथ शतरंज खेल कर उत्साहवर्धन किया। सीएम योगी ने इस लिटिल चैम्प से शतरंज के खेल में मोहरों की चाल और शह-मात पर खूब बात की। कुशाग्र अग्रवाल, शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद लेने गोरखनाथ मंदिर पहुंचे थे। कुशाग्र अभी सिर्फ 5 साल 11 माह के हैं और यूकेजी में पढ़ते हैं। पर, उनकी उपलब्धि उम्र से काफी बड़ी है। 1428 रैपिड फीडे रेटिंग हासिल कर वह इस समय भारत में सबसे कम उम्र के फीडे-रेटेड खिलाड़ी हैं। उन्होंने 4 साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया और अपनी प्रतिभा के दम पर एक साल में ही फीडे रेटिंग हासिल कर ली। शतरंज का शुरुआती प्रशिक्षण उन्हें अपनी बहन अविका से मिला जो खुद भी शतरंज की बेहतरीन खिलाड़ी हैं। कुशाग्र अब तक पटना, बेंगलुरु, पुणे में आयोजित लगभग अंतरराष्ट्रीय फीडे रेटेड प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर पुरस्कार जीत चुके हैं। गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल कुशाग्र को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया बल्कि उनके साथ शतरंज खेलकर खूब उत्साह भी बढ़ाया। उन्होंने कुशाग्र से शतरंज की चालों से जुड़ी बारीकियों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि कुशाग्र अग्रवाल की प्रतिभा को और निखारने के लिए यूपी सरकार हर तरह की मदद करेगी। उन्होंने विश्वासएम जताया कि शतरंज का नन्हा अंतरराष्ट्रीय रेटेड खिलाड़ी आने वाले समय में गोरखपुर और प्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन करेगा।

कानपुर में भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच के लिया है ग्रीन पार्क तैयार,स्कूली बच्चों के लिए खास इंतजाम

कानपुर : भारत और बांग्लादेश की टीमें अब दूसरे मैच के लिए तैयार हैं। चेन्नई में जीत दर्ज करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम रोहित शर्मा की कप्तानी में अब कानपुर पहुंच चुकी है। कानपुर के ग्रीन पार्क में करीब तीन साल बाद कोई टेस्ट मैच होने जा रहा है, इसलिए वहां के फैंस में गजब का उत्साह देखने के लिए मिल रहा है। उम्मीद है कि यहां भी टीम इंडिया बांग्लादेश को चारोखाने चित्त करेगी। 27 सितंबर को सुबह साढ़े नौ बजे से खेला जाएगा मुकाबला सीरीज का दूसरा मैच ग्रीन पार्क में है। ये मैच 27 सितंबर यानी दिन शुक्रवार से शुरू होगा। मैच के वक्त की बात अगर की जाए तो ये मैच भी सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू होगा। इससे आधे घंटे पहले यानी करीब नौ बजे टॉस होगा। हालांकि दूसरे दिन से सीधे नौ बजे ही टीमें मैदान पर नजर आएंगी। देखना ये दिलचस्प होगा कि ये मैच कितने दिन तक चलता है। माना जा रहा है कि पिच स्पिनर्स के लिए मददगार होगी, इसलिए मैच तीन दिन में ही खत्म हो सकता है। हालांंकि बारिश की भी आशंका जताई गई है, जो बीच बीच में आकर खलल डालती रहेगी। यहां के लोकल स्टार कुलदीप यादव के भी इस मैच में खेलने की संभावना है। साल 2021 में न्यूजीलैंड से हुआ था कानपुर में टेस्ट  इससे पहले साल 2021 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच यहां मुकाबला खेला गया था। ये श्रेयस अय्यर का डेब्यू टेस्ट मैच भी था। इस मैच में रोहित शर्मा और विराट कोहली नहीं थे, इसलिए कप्तानी की जिम्मेदारी अजिंक्य रहाणे के कंधों पर थी। श्रेयस अय्यर ने यहां शानदार 105 रनों की पारी खेली थी। पांच दिन तक चले मैच का रिजल्ट नहीं निकल पाया और ये ड्रॉ पर खत्म हुआ था। इस बार क्या कुछ होगा, ये देखना काफी मजेदार होगा। स्कूली बच्चों के लिए खास इंतजाम मैच के डायरेक्टर हॉस्पिटैलिटी संजीव कुमार सिंह ने जानकारी दी कि इस ऐतिहासिक मौके पर स्कूली बच्चों को मैच निशुल्क दिखाया जाएगा, और उनके लिए विशेष खाने की भी व्यवस्था की जा रही है. इसके साथ ही मैच को और भी खास बनाने के लिए कई विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि यह अनुभव सभी के लिए अविस्मरणीय बने.

Bihar:मुख्यमंत्री ने जहानाबाद जिले में कई योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास

पटना : मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज जहानाबाद जिले में रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर विभिन्न विभागों के अंतर्गत 57 करोड़ 14 लाख 59 हजार रुपये की योजनाओं का उ‌द्घाटन तथा 65 करोड़ 62 लाख 4 हजार रुपये की योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पटना से जहानाबाद जाने के क्रम में सरिस्ताबाद गांव के पास एन०एच०-30 और नाथूपुर गांव के पास एन0एच0-83 को जोड़नेवाले निर्माणाधीन पटना-गया-डोभी लिंक पथ का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने पटना-गया-डोभी (एन०एच० 83) मार्ग पर अवस्थित जहानाबाद में निर्माणाधीन आर०ओ०बी० का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद कनौदी गांव के पास एन०एच० 83 पर ही आयोजित समीक्षा बैठक में पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने पटना-गया-डोभी पथ (एन0एच083) के निर्माण कार्य के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बचे हुए काम को तेजी से पूर्ण करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। जब यह मार्ग बन जाएगा तो पटना से डोभी की दूरी 2 घंटे में तय की जा सकेगी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना-गया-डोभी मार्ग के बचे हुए कार्य को 2 महीने के अंदर पूर्ण करें। इस मार्ग के पूर्ण हो जाने से पटना से डोभी तक पहुंचने में लोगों के समय की बचत होगी और आवागमन भी सुलभ हो जाएगा। साथ ही लोगों को झारखंड पहुंचने में भी समय की बचत होगी। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने जहानाबाद के कल्पा ग्राम में नवनिर्मित कल्पा पंचायत सरकार भवन का फीता काटकर एवं शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन के विभिन्न भागों का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। पंचायत सरकार भवन परिसर में ही आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से विभिन्न विभागों की कई योजनाओं का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर गृह विभाग के अंतर्गत 4.70 करोड़ रुपये की लागत से जहानाबाद जिला में नवनिर्मित अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति सह महिला थाना भवन का उद्घाटन किया तथा 15.55 करोड़ रुपये की लागत से जहानाबाद जिला में 150 महिला सिपाही बैरक, अभियोजन भवन, प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेशन कार्यालय भवन सहित कुल 11 पुलिस भवनों का भी शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना अंतर्गत लाभुकों को चेक, उज्ज्वल दृष्टि योजना अंतर्गत वृद्ध जनों को चश्मा भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने लाभुकों को आयुष्मान भारत कार्ड, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को कुल 5 लाख 21 हजार रुपये का सांकेतिक चेक, भूमि संरक्षण अंतर्गत जल छाजन विकास योजना के तहत 50 लाभुक किसानों को 25 लाख का सांकेतिक चेक तथा 5573 जीविका स्वयं सहायता समूहों को 45 करोड़ 26 लाख रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कल्पा ग्राम स्थित तालाब के जीर्णोद्धार कार्य तथा पेवर ब्लॉक पथ का भी निरीक्षण किया और तालाब किनारे बेहतर ढंग से वृक्षारोपण कराने तथा सौंदर्गीकरण को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्रामीण कार्य मंत्री सह जहानाबाद जिला के प्रभारी मंत्री श्री अशोक चौधरी, विधान पार्षद श्री रवींद्र प्रसाद सिंह, विधायक श्री सुदय यादव, विधायक श्री रामबली सिंह यादव, पूर्व सांसद श्री चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, पूर्व विधायक श्री अभिराम शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, महानिदेशक सह अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम श्री विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री संदीप पुदुकल कट्टी, मगध प्रमंडल के आयुक्त श्री प्रेम सिंह मीणा, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक श्री क्षत्रनील सिंह, पटना के जिलाधिकारी डॉ० चंद्रशेखर सिंह, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राजीव मिश्रा, जहानाबाद की जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डे, जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद प्रताप सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

Bihar: JDU के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष स्व० केशो सिंह के श्राद्धकर्म में शामिल हुए CM नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष स्व० केशो सिंह के नालंदा जिला के रहुई स्थित खिरौना ग्राम स्थित उनके आवास पर आयोजित उनके श्राद्धकर्म में शामिल हुये। मुख्यमंत्री ने स्व० केशो सिंह सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना भी दी। इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेन्द्र कुमार, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, विधायक जीतेन्द्र कुमार, विधायक डॉ० सुनील कुमार, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा, पूर्व विधायक ई० सुनील, पूर्व विधायक चन्द्रसेन कुमार, बिहार राज्य नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव अरविंद कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।