Thelokjan

site logo

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 7182 एएनएम स्वास्थ्यकत्रियों को वितरित किया नियुक्ति पत्र

लखनऊ | विगत 6 वर्ष के अंदर किसी भी चयन प्रक्रिया में हमने धांधली, अव्यवस्था, अराजकता और भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं किया है। चाहे वो उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग हो,उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन आयोग हो, उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा चयन आयोग हो या माध्यमिक चयन आयोग, पुलिस की भर्ती हो या बेसिक शिक्षा परिषद की भर्ती, इस प्रक्रिया को पूरे पारदर्शी तरीके से संपन्न करते हुए अब तक लगभग 6 लाख भर्ती की प्रक्रिया को पूरा करने जा रहे हैं। जो लोग भी चयनित हुए हैं किसी को भी सिफारिश कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 75 जनपदों के लिए चयनित 7,182 एएनएम स्वास्थ्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहीं। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित एएनएम को बधाई भी दी और कर्तव्यों के ईमानदारी से निवर्हन की सीख भी दी। इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पार्थसारथी सेन शर्मा एव स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बिना भेदभाव आगे बढ़ रही है चयन प्रक्रिया
सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक लंबी लड़ाई को आगे बढ़ाने के बाद इतनी ढेर सारी बहनों को एक साथ नियुक्ति पत्र वितरण का कार्य हो रहा है। आपने भी धैर्य से काम लेते हुए धरना प्रदर्शन की बजाय सरकार पर विश्वास किया और चयन की प्रक्रिया के बाद उच्चतम न्यायालय से अपने पक्ष में निर्णय आने का इंतजार किया। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने चयन की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया है। हर चयन की प्रक्रिया में लोग कुछ न कुछ विघ्न-बाधा डालने का प्रयास करते हैं, लेकिन उनके अनैतिक कार्यों पर हमने प्रहार किया है।

सीएम योगी ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने दायित्व संभालने के बाद कहा था कि हमारे लिए पूरा देश एक कुटुंब है। हम किसी के साथ भेदभाव नहीं कर सकते। उत्तर प्रदेश के अंदर भी 2017 से हमने इसको सख्ती से लागू किया है। 6 वर्ष के अंदर 6 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां उपलब्ध करा रहे हैं और किसी को भी किसी भी प्रकार के भेदभाव की गुंजाइश नहीं रही है।

प्रदेश में अच्छा कार्य कर रहे हैं स्वास्थ्य विभाग के फील्ड वर्कर
सीएम ने चयन प्रक्रिया में आई दिक्कतों का जिक्र करते हुए कहा कि हमने नियुक्ति पत्र देने का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन उसे कैंसिल करना पड़ा, क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने स्टे कर दिया था। हम नहीं चाहते थे कि आपकी नियुक्ति में कोई विघ्न पड़े, इसलिए हमारा प्रयास रहा कि सारी बाधाओं को दूर करते हुए एक बार जब नियुक्ति पत्र आपको मिल जाए तो फिर पूरी ताकत और प्रतिबद्धता के साथ आप सेवा के लिए समय दे सकें। सभी बाधाओं को दूर करते हुए आज स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश के अंदर हमारे जितने भी फील्डवर्कर हैं, चाहे वो एएनएम हों, आंगनबाड़ी हों, आशा वर्कर हैं, इन सबके द्वारा बहुत अच्छा काम किया जा रहा है।

पिछले 6 वर्ष में नेशनल हेल्थ के अंतर्गत जो आंकड़े आए हैं वो बहुत सकारात्मक बदलाव को दिखाते हैं। संस्थागत प्रसव काफी बढ़ा है। एनीमिया को नियंत्रित करने में सफलता मिली है। मातृ मत्यु दर, शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त हुई है। कई मामलों में तो उत्तर प्रदेश नेशनल एवरेज से भी बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहा है। ये चीजें दिखाती हैं कि विभाग द्वारा जो प्रयास प्रारंभ किए गए हैं, उसके परिणाम जमीनी धरातल पर देखने को मिल रहे हैं।

सीएम ने एएनएम को बेहतर कार्य के लिए दी सीख
सीएम योगी ने एएनएम को ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की सीख भी दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह ईमानदारी से इस चयन प्रक्रिया को पूर्ण किया गया है तो शासन की यह अपेक्षा भी है कि प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिले। गांव-गांव तक लोगों को स्वास्थ्य की सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आपकी सेवाओं की आवश्यकता है। आपका दायित्व बनता है कि सरकार ने जो नियुक्ति की है, वो सार्थक बने जिससे इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा सके। आपके पास अपने-अपने जनपदों और गांवों में लोगों को देखने, जानने और इस फील्ड में बेहतर कार्य से सम्मान प्राप्त करने का अवसर है। इतनी बड़ी संख्या में एएनएम को नियुक्ति पत्र मिलना मिशन रोजगार के साथ ही मिशन शक्ति को भी प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम बना है।

इंसेफेलाइटिस और कोरोना नियंत्रण में स्वास्थ्य विभाग ने पेश किया मॉडल
प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि दो महत्वपूर्ण घटनाएं मेरे सामने बार-बार आती हैं। एक पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर सहारनपुर तक.मस्तिष्क ज्वर प्रतिवर्ष हजारों बच्चों को निगल जाता था। आज स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में जो कार्यक्रम प्रारंभ हुए, समस्त विभागों के बीच समन्वय से इंसेफेलाइटिस को हमने नियंत्रित कर दिया है। एक-दो वर्ष में प्रदेश यह घोषित कर देगा कि इंसेफेलाइटिस का हमने उन्मूलन कर दिया है। दूसरा कोरोना काल का उदाहरण है, जिसमें यूपी ने एक मॉडल देश और दुनिया के सामने रखा है।

2017 से पहले लोग इस बात का रोना रोते थे कि डॉक्टर नहीं है, क्या करेंगे। हमने भारत सरकार के साथ मिलकर वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज पर काम शुरू किया। पहले कोई सोचता था कि गांवों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, आज 600 से ज्यादा स्थानों पर टेलीकंसल्टेशन की व्यवस्था है। सभी जनपदों में हेल्थ एटीएम की स्थापना की गई है। एक हेल्थ एटीएम 50 से लेकर 60 तरह की जांचों की सुविधा दे रहा है। आज ऐसा नहीं हो सकता कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में कोई व्यक्ति दम तोड़े, हर हॉस्पिटल में दवा उपलब्ध हो रही है,प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है। आज शिकायतें न्यूनतम स्तर पर आ गई हैं। हमें इसे और मजबूती के साथ आगे बढ़ाकर एक मॉडल खड़ा करना है और उस मॉडल में ग्रामीण क्षेत्रों में आपका भी एक बड़ा रोल हो सकता है।

इन्हें मिला नियुक्ति पत्र
अनुपमा राय, आकांक्षा मिश्रा, रेनू सिंह,अंजली पांडेय, रानी कुंवर, शांति पाल, अनामिका मौर्य, शाजिया बानो, प्रिया पटेल, कुमारी सपना गोस्वामी, संध्या यादव, श्वेता वर्मा, सोनम सिंह सिसोदिया, आकांक्षा साहू,शेख संजीदा बानो, स्वाती जायसवाल, कु. अनुराधा गुप्ता, स्नेहा सागर, सुनीता पाल, चित्रांशी श्रीवास्तव, माला प्रजापति, प्रियंका भारती, लक्ष्मी देवी रावत, निशा गौतम, ममता राज, पूनम वर्मा, नेहा मिश्रा और अन्वेषा यादव।

Must Read

Latest News

MP News:संस्कृति मंत्री लोधी ने केंद्रीय मंत्री शेखावत से की मुलाकात

संस्कृति, पर्यटन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने नई दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। उन्होंने श्री शेखावत से मध्यप्रदेश में संस्कृति एवं पर्यटन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। श्री लोधी ने केंद्रीय मंत्री से संगीत सम्राट तानसेन का शताब्दी समारोह राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में मनाने का आग्रह किया। मंत्री श्री लोधी ने कहा कि संगीत सम्राट तानसेन के नाम पर शास्त्रीय संगीत का 100 वर्षों से निरन्तर आयोजित होने वाला देश का “एकमात्र समारोह” तानसेन समारोह है। संगीत सम्राट तानसेन के ग्वालियर स्थित समाधि स्थल पर इसका आयोजन किया जाता है। ग्वालियर की सुदीर्घ संगीत परम्परा को देखते हुए ही यूनेस्को ने इसे “सिटी ऑफ म्यूजिक” घोषित किया है। उन्होंने कहा कि संगीत सम्राट तानसेन सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण राष्ट्र के हैं और उनकी ख्याति सारे विश्व में है। साथ ही शास्त्रीय संगीत की ध्रुपद शैली भी सम्पूर्ण विश्व में व्याप्त है। इस दृष्टि से तानसेन शताब्दी समारोह को न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरा राष्ट्र मनाये। मंत्री लोधी ने प्रस्ताव देते हुए कहा कि भारत सरकार की संगीत नाटक अकादमी के माध्यम से पूर्वरंग श्रृंखला के अंतर्गत ‘तानसेन समारोह’ का आयोजन देश के हर राज्य में आयोजित किया जावे, जिसमें मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग सह आयोजक के रुप में सम्मिलित हो सकेगा। इन कार्यक्रमों के अंतर्गत उत्कृष्ट शास्त्रीय संगीत केन्द्रित प्रस्तुतियाँ संयोजित किये जाने का अनुरोध है, जिससे मध्यप्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी तानसेन की ख्याति को विस्तारित किया जा सकेगा। संस्कृति मंत्री श्री लोधी 46वीं “विश्व धरोहर समिति” की बैठक में शामिल होने दिल्ली में मैजूद है। वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी की यह बैठक भारत मंडपम में होगी , जिसमें देश और दुनिया के 3200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।

MP News:मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर शिक्षण संस्थाओं में गुरू पूर्णिमा पर भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर मध्यप्रदेश में गुरू पूर्णिमा को उत्साहपूर्वक मनाने की शुरूआत की गई है। उनके निर्देश के अनुसार सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में गुरूजनों और शिक्षकों का सम्मान किया गया और विद्यार्थियों ने आशीर्वाद लिया। शिक्षकों ने गुरू पूर्णिमा के महत्व एवं पारंपरिक गुरू-शिष्य संस्कृति पर प्रकाश डाला। विद्यालयों में “प्राचीन काल में प्रचलित गुरूकुल व्यवस्था एवं उसका भारतीय संस्कृति पर प्रभाव” विषय पर निबंध लेखन आयोजित किया गया। राज्य शासन द्वारा विश्व विद्यालयों में पूर्व से प्रचलित “कुलपति” नाम को परिवर्तित कर “कुल गुरू” किये जाने के निर्णय से विद्यार्थियों को अवगत करवाया गया। गुरू भविष्य गढ़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि समाज में गुरू का स्थान सर्वप्रथम है। धार्मिक ग्रथों में तो यह भी कहा गया है कि गुरू इसलिए महत्वपूर्ण है, जो हमें सच्चे मार्ग और भगवान की शक्ति का ज्ञान कराते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन स्कूल शिक्षा में शिक्षकों की बेहतरी के लिये लगातार निर्णय ले रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके इसके लिये प्रदेश में पीएम श्री और सीएम राइज स्कूल लगातार खोले जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह नरसिंहपुर जिले के राजमार्ग स्थित रूकमणी देवी पब्लिक स्कूल में आयोजित गुरू पूर्णिमा उत्सव को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है कि वह बच्चों को अच्छे संस्कार दे। जब इन संस्कारों के साथ बच्चे स्कूलों में शिक्षा गृहण करेंगे, तो वे आगे चलकर जिम्मेदार नागरिक के साथ-साथ अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि गुरू की शिक्षा से ही देश और प्रदेश की अनेक प्रतिभाएं सभी क्षेत्रों में उललेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं। प्रत्येक सफल व्यक्ति के पीछे उसके गुरू द्वारा दी गई शिक्षा अनमोल होती है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों, पालकों और छात्रों से सीधा संवाद भी किया। स्कूल शिक्षा मंत्री शनिवार को जिले के गाडरवाड़ा के पीएम श्री स्कूल और नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी में रावतपुरा इंटरनेशनल स्कूल एवं भाऊ साहब भुस्कटे स्मृति लोक न्यास द्वारा संचालित सैनिक स्कूल के गुरू पूर्णिमा समारोह में शामिल हुए। स्कूल शिक्षा मंत्री ने इन शालाओं का कक्षाओं और साइंस लैब का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी के लिये राज्य शासन हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराएगा। समारोह के दौरान छात्रों ने स्कूल शिक्षा मंत्री से लोक रूचि से संबंधित प्रश्न भी पूछे और जवाब दिया गया।  भारतीय ज्ञान की उपलब्धि जो विश्व भर में अनुसरणीय उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शाजापुर जिले के शुजालपुर स्थित शासकीय जेएनएस महाविद्यालय में आयोजित गुरु पूर्णिमा उत्सव में कहा कि शिक्षा के माध्यम से पुरातन से सीखकर नूतन की ओर आगे बढ़ते हुए विश्वमंच पर भारत को सिरमौर बनाना हमारा ध्येय है। इसके लिए भारतीय ज्ञान परम्परा को शिक्षा में पुनर्स्थापित कर आमूलचूल परिवर्तन जारी है। श्री परमार ने कहा कि दुनिया को भारत के ज्ञान पर गर्व है। जो देश अपने ही ज्ञान को समाप्त कर देता है, उसकी पहचान भी स्वतः समाप्त हो जायेगी।  उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारतीय समाज का दृष्टिकोण विज्ञान पर आधारित दृष्टिकोण है। भारत की ज्ञान परम्परा पर पुनः अध्ययन एवं अनुसंधान करने की आवश्यकता है। श्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जब भारतीय परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 को लागू किया, तब से देश भर में भारत की उपलब्धियों और उल्लेखनीय कार्यों पर गर्व का भाव जागृत हुआ है। अपनी भाषा, अपने ज्ञान, अपनी विरासत को पुनर्स्थापित करते हुए विश्वमंच पर विश्वगुरु के रूप में पुनः स्थापित होंगे। श्री परमार ने कहा कि युगानुकुल परिवर्तन करना हमारा व्यापक दृष्टिकोण है। “कण” की परिकल्पना भारतीय ऋषि कणाद ऋषि की अवधारणा थी। उसके बाद आधुनिक युग में अणु और परमाणु का विकास हुआ। विश्व को “शून्य” भारत ने दिया, तब जाकर विश्व में अंक गणना संभव हो सकी। भारत के महान अविष्कारक श्री आर्यभट्ट ने तथ्यों के अनुरूप “पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है” के रूप में प्रमाणित किया। यह हमारे भारतीय ज्ञान की उपलब्धि है, जो विश्व भर में अनुसरणीय है।

MP News:पचमढ़ी मानसून मैराथन-हल्की फुहारों के बीच रनर्स ने लगाई दौड़

नर्मदापुरम जिले के हिल स्टेशन पचमढ़ी में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) के सहयोग से ‘एडवेंचर एंड यू’ (के.ए. कनेक्ट) पचमढ़ी मानसून मैराथन का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। जिला प्रशासन नर्मदापुरम के सहयोग से आयोजित हुई मैराथन में देशभर से 1165 धावकों ने हिस्सा लिया और पचमढ़ी के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर एवं 5 किलोमीटर श्रेणियों में दौड़ लगाई गई। मैराथन दौड़ की शुरुआत एमपीटी ग्लेनव्यू होटल से हुई। 42 किलोमीटर दौड़ सुबह 3 बजे शुरू हुई। शेष तीनों दौड़ सुबह 6 बजे शुरू की गई। जिसे टूरिज्म बोर्ड के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ.श्री संतोष कुमार श्रीवास्तव, डिप्टी डायरेक्टर श्री वीरेंद्र खंडेलवाल ने फ्लैगऑफ की। दौड़ में छः वर्ष के बच्चे से लेकर 82 वर्ष के बुजुर्ग ने हिस्सा लिया। नर्मदापुर की पूर्व कलेक्टर श्रीमती दास भी 21 किमी दौड़ में शामिल हुई। विजेताओं को ट्रॉफी एवं मैडल समापन के बाद एक समारोह में अतिथियों द्वारा विजेताओं को ट्रॉफी व मेडल दिए। मानसून मैराथन में देशभर से लोग शामिल हुए और सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी में प्राकर्तिक सौंदर्य का आनंद लिया। 82 वर्ष के बुजुर्ग श्री मोहन लाल यादव, गोंदिया महाराष्ट्र को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री ए.यू. खान, सहायक संचालक श्री के.के. सिंह, केए कनेक्ट से मितेश रामभिया भी विशेष रूप से मौजूद थे। विजेताओं की सूची 42 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता अंकित शर्मा। 42 किलोमीटर (महिला) में प्रथम विजेता प्रेम लता गुप्ता। 21 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता मोहित कोरे। 21 किलोमीटर (महिला) में प्रथम विजेता निधि तरारे। 10 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता विशाल कौशल। 10 किलोमीटर (महिला) में प्रथम विजेता रीता तरारे। 5 किलोमीटर (पुरुष) में प्रथम विजेता अमित प्रजापती। 5 किलोमीटर (महिला) में जयश्री भूरे प्रथम विजेता रही।

MP News:भारतीय संस्कृति में गुरूजनों का स्थान सर्वोच्च- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में गुरुजनों का स्थान सर्वोच्च है। गुरू शिक्षा के साथ ही ज्ञान का प्रसार भी करते हैं। वे अपने शिष्यों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरुजनों का सम्मान भारतीय परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुरुजनों के सम्मान के लिए अब प्रदेश में हर वर्ष सभी स्कूल और कॉलेजों में गुरूपूर्णिमा का महापर्व मनाया जाएगा। विद्यार्थियों को गुरुओं की महत्ता बताई जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस आयोजन से जुड़े और गुरुओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में आयोजित गुरू पूर्णिमा के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाभारत के अनेक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए गुरू शिष्य परम्पराओं का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि गुरू शिक्षा के साथ ज्ञान भी देते हैं। वे अन्याय एवं अधर्म से लड़ना सिखातें हैं। जीवन जीने की कला सिखाते और शिक्षा एवं ज्ञान का दान करते हैं। इस कार्य में वे अपने कष्टों को भी बाधा नहीं बनने देते हैं। गुरू का साथ मिलते ही शिष्य के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और वह सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त करने लगता है। उन्होंने कहा कि गुरू-परम्परा समुचित मानवता को धन्य करने की परम्परा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य सांदीपनि का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुजन राष्ट्रवादी सोच का प्रवाह अपने शिष्यों में करते हैं। आचार्य सांदीपनि इसका बेहतर उदाहरण है। आचार्य सांदीपनि ने अपने ज्ञान से राष्ट्र निर्माण और अपने राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव सिखाया है। गुरुओं का महत्व सबके के सामने आना चाहिए। इसके लिये हमने प्रदेश में हर वर्ष स्कूल और कॉलेजों में गुरू पूर्णिमा का महापर्व पूर्ण आस्था और श्रद्धा के साथ मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भारत देश को अपने ज्ञान के आधार पर ही विश्व गुरु का दर्जा मिला है। महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरू श्री मिथिला प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि गुरुओं का जीवन में अक्षुण्ण महत्व है। गुरू अंतस के अंधकार को भी मिटाता है। गुरू अपना सब कुछ शिष्य को दे देता है। गुरू शिष्य में प्रतिबिंबित होते हैं। गुरू ज्ञान के साथ ही संस्कार एवं जीवन मूल्य भी सिखाते हैं। गुरुओं के महत्व को बताने के लिये राज्य शासन द्वारा हर वर्ष गुरू पूर्णिमा का महापर्व मनाये जाने का निर्णय सराहनीय है। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री के.सी. गुप्ता ने भारतीय परंपरा में गुरु शिष्य के संबंधों की महत्ता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के प्रारंभ में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. रेणु जैन ने स्वागत भाषण दिया। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलगुरूओं एवं शिक्षक गणों का सम्मान भी किया गया। साथ ही गुरू पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय गणित पर लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में उन्होंने मोढ़ी लिपि को देवनागरी लिपि में परिवर्तित करने, सॉफ्टवेयर तैयार करने वाली बालिका अंशिका जैन का सम्मान भी किया। गुरुजनों के बीच पहुंचे और पुष्प वर्षा कर सम्मान किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज गुरू पूर्णिमा के अवसर पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। डॉ. यादव मंच से उतरकर गुरुजनों के बीच पहुंचे। उन्होंने सभागृह में मौजूद पूर्व कुलगुरूओं एवं शिक्षकों का पुष्प वर्षा कर सम्मान किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री मधु वर्मा तथा श्री गोलू शुक्ला, संभागायुक्त श्री दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री आशीष सिंह, श्री गौरव रणदिवे भी मौजूद थे।

CG News:मुख्यमंत्री ने पंगत में बैठकर भंडारा प्रसाद ग्रहण किया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय में गुरु के दर्शन के पश्चात गुरु दर्शन के लिए आए सारे लोगों के बीच पंगत में बैठकर भंडारा प्रसाद ग्रहण किया । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, स्थानीय  जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों ने भी भंडारा प्रसाद ग्रहण किया।

CG News:मुख्यमंत्री गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने गुरु पीठ आश्रम के उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने आश्रम में अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन भी किए और मार्गदर्शन लिए। इसके साथ ही इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने परिसर में करंज का पौधा , वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने नीम का पौधा तथा पूर्व विधायक श्री  विजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी पौधरोपण किया गया। आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला के रूप में अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय बनोरा का नाम विख्यात है। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री कार्तिकेय गोयल सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ में अघोर पंथ का बीजारोपण करने वाले पूज्य अघोरेश्वर के शिष्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के कर कमलों से तीन दशक पहले रायगढ़ के पूर्वांचल स्थित ग्राम बनोरा में इस ट्रस्ट की नींव रखी गई तब से लेकर आज तक यह ट्रस्ट राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों को बढ़ावा देने के लिए अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा की स्थापना तीन दशक पहले की गई। अघोरेश्वर महाप्रभु ने समाज के विकास की अवधारणाओं का सूत्रपात किया लेकिन इस दिशा में बहुत से अधूरे कार्यों को पूरा करने अघोरेश्वर अवधूत  भगवान राम जी के प्रियतम शिष्य बाबा प्रियदर्शी राम जी ने बनोरा से जुड़ी अन्य शाखाओं का शिवरीनारायण, डभरा, चिरमिरी, अंबिकापुर सहित अन्य प्रांतों में भी विस्तार किया। बनोरा से जुड़ी सभी शाखाओं में मानव सेवी गतिविधियां निरंतर संचालित हो रही हैं। बनोरा ट्रस्ट से जुड़ी सभी शाखाएं आसपास क्षेत्र के मौजूद जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को जीवन की मूलभूत आवश्यकता शिक्षा, चिकित्सा या आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा देकर समाज कल्याण के लिए क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही है।